नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी: दिल्ली-यूपी के सैकड़ों लोगों को लगाया चूना, वेबसाइट से मिलता-जुलता बनाया था वेब पेज


दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली, यूपी समेत देश के बाकी राज्यों में नौकरी दिलवाने नाम पर युवाओं से साइबर ठगी करने वाले बदमाश को दक्षिण-पूर्व जिला की साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान नजफगढ़ निवासी आशीष राणा (28) के रूप में हुई है। आरोपी ने नौकरी दिलवाने वाली नामी वेबसाइट से मिलती-जुलती वेबसाइट बनवाई हुई थी। उस पर रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 10 रुपये देने की बात कर खाते की जानकारी जुटा ली जाती थी। बाद में पीड़ितों के खाते को साफ कर दिया गया जाता था। 
आरोपियों ने कॉल सेंटर बनाकर छह लोगों को नौकरी पर रखा हुआ था। गैंग एक माह में 100 लोगों के साथ ठगी करता था। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है। पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर मामले की जांच की जा रही है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने बताया कि 12 जून को सरताज खुराना नामक शख्स ने कालकाजी थाने में ऑन लाइन ठगी की शिकायत दी थी। सरताज ने पुलिस को बताया कि उसके पास एक युवती का कॉल आया। युवती ने अपना नाम मुस्कान बताया और खुद को नौकरी डॉट कॉम की प्रतिनिधि बताया। 
युवती ने सरताज को नौकरी लगवाने का झांसा देकर केवल 10 रुपये का शुल्क वेबसाइट पर जमा करवाने के लिए कहा। पीड़ित ने www.naukrica-reeer.in पर जैसे ही 10 रुपये का भुगतान किया, उसके खाते से पांच हजार रुपये कट गए। 
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। लोकल पुलिस के अलावा साइबर सेल ने भी मामले की जांच शुरू की। टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से पुलिस की टीम मुख्य आरोपी आशीष राणा तक पहुंच गई। पुलिस ने उसे नजफगढ़ इलाके से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ने बताया कि वह 12वीं पास है। इन लोगों ने पेटीएम, एयरटेल पेमेंट्स बैंक विप्स वॉलेट पर 100 से अधिक खाते बनाए हुए थे। इसके साथ नौकरी दिलवाने वाली कई वेबसाइट से मिलती जुलती वेबसाइट भी बनवाई हुई। आशीष ने बताया कि कॉल सेंटर में छह लोगों को रखकर यह देशभर के युवाओं को नौकरी दिलवाने के लिए कॉल करते थे। बेरोजगार युवाओं का डाटा अलग-अलग कंपनियों से खरीदा हुआ था। जैसे ही युवा इनकी वेबसाइट पर 10 रुपये डालने के लिए अपने खाते ही डिटेल डालते थे। यह उसको देखकर वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस आशीष से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।