कारगिल जीतने वाला फौजी प्राइवेट अस्‍पताल की मनमानी से हारा, बीजेपी विधायक के दखल पर मिला इलाज


प्रेम प्रकाश त्रिपाठी,(गाजियाबाद)। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के सख्त निर्देश के बाद भी निजी अस्पताल अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला गाजियाबाद में उस वक्त देखने को मिला जब करगिल की जंग लड़ने वाला एक फौजी अपनी पत्नी का इलाज कराने निजी अस्पताल पहुंचा। वहां उससे पैकेज वसूले जाने के बाद भी अतिरिक्त पैसे की मांग की गई। बाद में बीजेपी विधायक के दखल करने पर इलाज शुरू हुआ। गौतमबुद्ध नगर के छपरौला में रहने वाले रिटायर्ड फौजी अनिल कुमार गाजियाबाद के पटेल नगर स्थित यूपी स्टोन एंड यूरोलॉजी सेंटर पर अपनी पत्नी का पथरी का उपचार कराने गए थे। जहां पर उनकी पत्नी का पथरी का ऑपरेशन किया जाना बताया गया। उसके लिए 50 हजार रुपये का पैकेज भी तय हो गया। जिस पर फौजी अनिल सहमत हो गए और 13 मई को उनकी पत्नी का ऑपरेशन हो गया।
लेकिन 1 जून को जब वह अपनी पत्नी की नली निकलवाने के लिए गए तो अस्पताल प्रबंधन ने दवाई और नली निकालने की एवज में पैकेज से अलग 15 हजार रुपये और मांगे। जब उन्‍होंने अतिरिक्त पैसे देने से मना किया तो उन्हें करीब 4 घंटे तक अस्पताल में बगैर इलाज के बैठना पड़ा। अनिल ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर को ट्वीट कर इसकी शिकायत की।
अनिल का कहना है कि ट्विटर पर शिकायत करने के बाद बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने फोन पर डॉक्टर से बात कर नाराजगी जाहिर करते हुए अस्पताल प्रबंधन को चेतावनी दी और आगे से इस तरह की हरकत ना करने के लिए कहा। दूसरी तरफ थाना सिहानी गेट पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और उन्हें न्याय दिलाते हुए अस्पताल प्रबंधन से इस बारे में बात की। जब जिम्मेदार चिकित्सक को धमकाया तो अस्पताल प्रबंधन बैकफुट पर आया उसके बाद पीड़ित फौजी की पत्नी का उपचार किया गया।
इतना ही नहीं फौजी और उसकी पत्नी को कई घंटे तक अस्पताल में ही बैठना पड़ा। यानी करगिल की जंग लड़ने वाला फौजी आखिर यहां हार गया।उसके बाद फौजी ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर को ट्वीट कर अस्पताल की शिकायत की। जिसका संज्ञान लेते हुए भाजपा विधायक ने अस्पताल प्रबंधन को फोन कर चेताया,तो वहीं पुलिस भी हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर अस्पताल प्रबंधन से बात कर फौजी की पत्नी का पैकेज के तहत ही उपचार कराया और आगे से ऐसा ना करने की हिदायत भी दी।