फर्जी टीचर को पकड़ने गई पुलिस दूसरे को पकड़ लाई


गाजीपुर। गाजीपुर जिले के सेवराई के कन्या प्राथमिक पाठशाला में फर्जी सर्टिफिकेट पर शिक्षक बनकर नौकरी करने वाले टीचर को गिरफ्तार करने गई पुलिस आरोपी की जगह उसके भाई को गिरफ्तार कर ले आई। हालांकि, जानकारी होने पर गिरफ्तार व्यक्ति को रिहा कर असली आरोपी की तलाश में पुलिस जुट गई है।
बताया जा रहा है कि भदौरा ब्लॉक के सेवराई कन्या प्राथमिक विद्यालय में पिछले तीन-चार सालों से फर्जी डॉक्यूमेंट के सहारे शिक्षक बनकर सौरभ अवस्थी नाम का व्यक्ति नौकरी कर रहा था। सौरभ के सर्टिफिकेट फर्जी होने की जानकारी विभाग को मिलने के बाद भी अधिकारियों की मिलीभगत से उसका वेतन दिया जाता रहा। इस मामले में तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी सुदामा ने 1 अप्रैल 2020 को गहमर थाना में तहरीर देकर एफआईआर लिखवाई थी। अब पुलिस सौरभ को गिरफ्तार करने के लिए तलाश रही है।
स्कूल के हेड मास्टर ने की पहचान
फर्जी शिक्षकों के धर-पकड़ को लेकर शासन से मिले निर्देशों के बाद ऐक्शन में आई पुलिस ने रविवार की रात को शिक्षक के गांव अम्हारीपुर से उसे गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को उसकी शिनाख्त के लिए बीआरसी भदौरा ले जाया गया। बीआरसी पर पता चला जिसे पुलिस ने पकड़ा है, वह फर्जी टीचर सौरभ नहीं, बल्कि उसका भाई है। स्कूल के हेडमास्टर ने इसकी तस्दीक की।
पुलिस निरीक्षक हरिनारायण शुक्ला ने बताया कि रविवार रात को दबिश देने के बाद जब सौरभ के बारे में जनकारी ली गई तो पकड़े गए युवक ने खुद को सौरभ अवस्थी बताया था। पहचान करवाने के बाद यह बात सामने आई कि वह सौरभ का छोटा भाई आलोक अवस्थी है। आलोक ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसका भाई सौरभ फिलहाल मुंबई में रह रहा है। पुलिस ने आलोक को बाद में रिहा कर दिया।