आंधी से जामा मस्जिद की मीनार का पत्थर गिरा, आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया से संरक्षण की गुजारिश


  • आंधी से जामा मस्जिद की मीनार का पत्थर गिरा
  • मीनार से गिरने के बाद यह मस्जिद परिसर में धंस गया
  • एएसआई से मीनार की मरम्मत की गुजारिश की जाएगी
नई दिल्ली। शुक्रवार शाम आई आंधी की वजह से ऐतिहासिक जामा मस्जिद की मीनार से पत्थर का एक बड़ा टुकड़ा गिर गया। पत्थर मस्जिद परिसर में गिरा और फर्श में धंस गया। लॉकडाउन की वजह से जामा मस्जिद में भीड़-भाड़ नहीं है, इसलिए किसी को क्षति नहीं पहुंची। जामा मस्जिद की ओर से मीनार को पहुंचे नुकसान के बारे में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) को बताने के लिए चिट्ठी लिखी जा रही है।
जामा मस्जिद के नायब इमाम सैयद शाबान बुखारी ने बताया कि यह पत्थर का टुकड़ा काफी बड़ा और भारी था। मीनार से गिरने के बाद यह मस्जिद परिसर में धंस गया। इसके बारे में एएसआई को बताने के लिए चिट्ठी लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि तस्वीरें भेजी जाएंगी और मीनार को हुए नुकसान के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। उनसे मीनार की मरम्मत की गुजारिश की जाएगी, ताकि आने वाले समय में इस तरह का हादसा न हो। देखते हैं उनकी तरफ से क्या जवाब आता है।
नायब इमाम ने बताया कि जामा मस्जिद की दक्षिणी मीनार से पत्थर का टुकड़ा गिरा। लॉकडाउन की वजह से मस्जिद में भीड़-भाड़ नहीं थी, इसलिए किसी को नुकसान नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि मस्जिद करीब 375 साल पुरानी है। इसके संरक्षण की सख्त जरूरत है। सिर्फ मीनार ही नहीं, बल्कि पूरी मस्जिद को बचाने के लिए एएसआई को काम करने की जरूरत है।
नायब इमाम सैयद शाबान बुखारी का कहना है कि करीब 35-40 साल पहले तक एएसआई का एक दफ्तर जामा मस्जिद कैंपस में हुआ करता था। उस वक्त तक इसी देखभाल ठीक तरीके से हो रही थी। हालांकि, बीच-बीच में एएसआई संरक्षण का काम करता रहा है। फिर यह थोड़े दिनों के लिए रुक जाता है। हाल ही में मस्जिद के मुख्य गुंबद के संरक्षण का काम एएसआई ने ही किया है। इसमें सीपेज की समस्या थी। जामा मस्जिद एएसआई संरक्षित इमारत नहीं है, लेकिन वह स्पेशल केस के तौर पर इसके संरक्षण का काम करता रहा है।