खाने के पैकेट बांटकर जरूरतमंद लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला रही है तेजाब हमले की पीड़िताएं


आगरा। आगरा में तेजाब हमले की पीड़िताएं कोविड-19 के मरीजों और इस महामारी से प्रभावित जरूरमंद लोगों को दो जून की रोटी मुहैया कराने का अभियान चला रही हैं।
तेजाब हमले की पीड़िताओं द्वारा चलाया जा रहा ‘शीरोज हैंगआउट कैफे’ और ‘छांव’ फाउंडेशन के इस संयुक्त अभियान को ‘स्माइल गोल है’ के तहत चलाया जा रहा है जिसका मकसद इस चुनौतीपूर्ण दौर में लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना है। शीरोज हैंगआउट कैफे के सह-संस्थापक आशीष शुक्ला ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि इस पहल का मकसद कोविड-19 के मरीजों और वित्तीय रूप से कमजोर लोगों को भोजन मुहैया कराना है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने 17 मई से आगरा में डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में कोविड मरीजों और फुटपाथ पर या झुग्गियों में रह रहे लोगों को खाने के पैकेट तथा ‘थाली’ बांटना शुरू किया।’’
शुक्ला ने बताया, ‘‘शुरुआत में हम कोविड मरीजों और ड्रिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के पृथक वार्ड के टीकाकरण कर्मियों को करीब 40-50 ‘थालियां’ बांटते थे लेकिन इन दिनों मरीजों की संख्या बहुत कम है तो हम वहां करीब 20 ‘थाली’ दे रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम खाने के 70-80 डिब्बे भी दे रहे हैं जिनमें सब्जी, दाल-चावल, रोटी, रायता और सलाद होता है।’’शुक्ला ने कहा, ‘‘शीरोज कैफे के रसोई के कर्मी स्वच्छता का पूरा ख्याल रखते हुए खाना बनाते हैं। हम सैनेटाइजर, मास्क, दस्ताने का इस्तेमाल करते हैं और रोज खाने के पैकेट बांटते हैं।’’
कैफे में काम करने वाली तेजाब हमले की पीड़िता रूपा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, ‘‘इस काम से मुझे और मेरी टीम को खुशी मिलती है क्योंकि हम इस महामारी के दौरान जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर मुस्कुराहट ला पाते हैं।’’ शुक्ला ने कहा, ‘‘हम कोविड के बाद भी यह काम करते रहेंगे क्योंकि हम जानते हैं कि बेघर लोगों के लिए बिना खाने के रहना कितना मुश्किल है। हम अपनी क्षमताओं के अनुसार खाने के पैकेट बांटते रहेंगे।’’
शीरोज कैफे के प्रवक्ता अजय तोमर ने कहा कि लोग उनकी पहल में शामिल हो सकते हैं। तोमर भी खाने के डिब्बों को पैक करने और उन्हें मरीजों को देने में हाथ बंटाते हैं। उन्होंने कहा कि लोग राशन तथा खाना बनाने के लिए आवश्यक अन्य सामान देकर इस अभियान में मदद कर सकते हैं।