प्रयागराज में एक मासूम का तीन बार हुआ सौदा, पुलिस के हत्थे चढ़े शातिर अपराधी


प्रयागराज ब्यूरो। प्रयागराज से दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। संगमनगरी में सात महीने के मासूम का तीन बार सौदा किया गया। लेकिन तीसरी बार प्रयागराज पुलिस की मुस्तैदी से अपराधी अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाये। प्रयागराज कीडगंज पुलिस ने चार ऐसे लोगों को दबोचा है जो 6 महीने के मासूम को तीसरी बार 50 हजार रुपये में बेचने के फिराक में थे। पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों से पूछताछ चल रही है। अपराधियों के चंगुल से छुडाया गया बच्चा फिलहाल कौन है, किसका है, यह पता लगाने में पुलिस जुट गई है। वही मासूम बच्चे की हालत ठीक नहीं जिसको इलाज के लिए चिल्ड्रन हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया है। जहां पर बच्चा अब स्वस्थ हो रहा है।
बच्चे की रोने की आवाज से दबोचे गए अपराधी
प्रयागराज कीडगंज इलाके के गोरा कब्रिस्तान के अंदर 4 लोग किसी बच्चे का लेकर बैठे थे और आपस में बातचीत कर रहे थे।वहीं पास से गुजरने वाले लोगों की निगाह जब सभी पर पड़ी तो उनके पास मैजूद बच्चा रो रहा था।इस पर लोगों को शक हुआ । लोगों ने फौरन इस बात की सूचना पुलिस को दी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चारों लोगों को पकड़ कीडगंज थाने ले आई। जब पकड़े गए दो महिलाओं और एक दंपत्ति से पूछताछ की गई तो चारों की बातें सुनकर पुलिस सन्न रह गई।
50 हजार रुपये तय हुआ था सौदा
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की रहने वाली शोभा देवी और शशि कला इस बच्चे को लेकर प्रयागराज आई थी। इस बच्चे का सौदा पचास हजार रुपये में तय किया था और बच्चे को देने के लिए प्रयागराज के कीडगंज के रहने वाले कृष्णा सोनी और उनकी पत्नी मंजू सोनी को देना था। इसलिए शनिवार को इलाके के गोरा कब्रिस्तान में चारों लोग आए थे। लेकिन बच्चे की एक किलकारी ने सभी को आने-जाने लोगों को शक करने पर मजबूर कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चारों को दबोच लिया। महिलाओं के साथ पुलिस के हत्थे चढ़े दंपत्ति के कोई संतान नहीं थी इसलिए इस बच्चे को खरीद रहे थे। पुलिसिया पूछताछ में आजमगढ़ की रहने वाली महिलाओं ने बताया कि इससे पहले बच्चे को दो बार बेचा चुकी थी। ये तीसरी बार बेचने की तैयारी थी। लेकिन सवाल यह था 3 बार इस बच्चे को बेचा कैसे गया और फिर इन महिलाओं के हाथ यह बच्चा कैसे लगा इन सब की पूछताछ फिलहाल पुलिस पकड़ी गई महिला से कर रही है।
प्रयागराज कीडगंज पुलिस के हत्थे चढ़े यह दोनों महिलाएं उन लोगों को अपना शिकार बनाती थीं। जिनके पास कोई संतान नहीं होती और लोगों को अपनी भावनाओं भारी बातों के जरिए से शिकार बनाती थीं। सौदा तय होने पर निसंतान दंपत्ति को बच्चे दे दिया करते थीं। 6 महीने के बच्चे को इधर-उधर यात्रा करने की वजह से कुछ अस्वस्थ दिखा । जिसे पुलिस ने चिल्ड्रन हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया और अब बच्चा स्वस्थ भी हो गया है। पुलिस अब बच्चे के असली माता-पिता तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रही है। ताकि बच्चा किसका है यह भी पता लगाया जा सके।