दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस.एन. श्रीवास्तव को मिलेगा एक्सटेंशन या दिल्ली को मिलेगा नया पुलिस कमिश्नर?


  • पुलिस कमिश्नर एस.एन. श्रीवास्तव का कार्यकाल अगले हफ्ते खत्म होगा
  • श्रीवास्तव की जगह कौन ले सकता है, इसे लेकर कयास लगाए जा रहे हैं
  • नई नियुक्ति या एक्सटेंशन इस पर फैसला गृह मंत्रालय को ही करना है
दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस.एन. श्रीवास्तव का कार्यकाल अगले हफ्ते खत्म होने जा रहा है। ऐसे में अब पुलिस महकमे में चर्चा है कि गृह मंत्रालय किसी नए अफसर को कमान सौंपेगा या फिर श्रीवास्तव का कार्यकाल कुछ समय के लिए और बढ़ाया जाएगा। श्रीवास्तव की जगह कौन ले सकता है, इसे लेकर भी कई कयास लगाए जा रहे हैं और यह देखा जा रहा है कि कौन-कौन अधिकारी इस पद को संभालने में सक्षम साबित हो सकता है।
एक बड़ा सवाल इसे लेकर भी उठ रहा है कि अगर किसी नए अफसर को यह जिम्मेदारी सौंपी जाती है, तो गृह मंत्रालय इस मामले में परंपरा का निर्वाह करते हुए यूटी काडर के ही किसी अफसर को तरजीह देगा या इस बार किसी अन्य काडर के अधिकारी को भी यह मौका दिया जाएगा। हालांकि, अंतिम फैसला गृह मंत्रालय को ही करना है, लेकिन सूत्रों का मानना है कि किसी बाहरी के आने की उम्मीद कम ही है, क्योंकि दिल्ली की पुलिसिंग अन्य राज्यों के मुकाबले काफी अलग है। ऐसे में यहां की पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर काम कर पाना किसी बाहरी ऑफिसर के लिए आसान नहीं होगा। साथ ही इससे सीनियर लेवल पर असंतोष भी पैदा हो सकता है। जो भी हो, लेकिन इतना तय है कि अगला एक हफ्ता दिल्ली पुलिस में काफी गहमागहमी भरा साबित रहने वाला है।
1985 बैच के सीनियर आईपीएस अधिकारी एस.एन. श्रीवास्तव ने पिछले साल 29 फरवरी को उस वक्त दिल्ली पुलिस की कमान संभाली थी, जब दिल्ली दंगों के बाद माहौल तनावपूर्ण था और शाहीन बाग समेत कई इलाकों में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ धरने-प्रदर्शन भी चल रहे थे। ऐसे में एक तरफ कानून व्यवस्था को सुधारने की जिम्मेदारी थी, तो दूसरी तरफ पुलिस का मनोबल बढ़ाने की भी चुनौती भी थी। उस वक्त सेंट्रल डेप्युटेशन से लौटे श्रीवास्तव को अतिरिक्त प्रभार के रूप में यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, मगर इस साल मई में गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी करके कमिश्नर के रूप में उनकी पूर्णकालिक नियुक्ति पर मुहर लगाई। अब 30 जून को श्रीवास्तव का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है।
पिछले पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक का कार्यकाल भी 31 जनवरी 2020 तक का ही था, लेकिन उस वक्त विधानसभा चुनावों के मद्देनजर उनका कार्यकाल एक महीने के लिए बढ़ाया गया था। ऐसे में जहां श्रीवास्तव को एक्सटेंशन मिलने की अटकलें लगाई जा रहीं हैं, वहीं संभावित दावेदारों को लेकर खूब चर्चा चल रही है।
खास बात यह भी है कि दिल्ली पुलिस में 1986 बैच के यूटी काडर के जितने भी वरिष्ठ अधिकारी थे, वे सब रिटायर हो चुके हैं। ऐसे में श्रीवास्तव की जगह लेने वाले संभावित अधिकारियों के रूप में 1987-88 बैच के अफसरों के नाम ही सामने आ रहे हैं। 1987 बैच के सत्येंद्र गर्ग और ताज हसन के अलावा 1988 बैच के बालाजी श्रीवास्तव, एस. सुंदरी नंदा, मुक्तेश चंद्र, एसबीके सिंह और अरविंद दीप के नाम इस रेस में प्रबल दावेदारों के रूप में सामने आ रहे हैं। चूंकि अब जम्मू-कश्मीर भी यूटी काडर का ही हिस्सा बन चुका है, इसलिए वहां के डीजीपी दिलबाग सिंह का नाम भी लिया जा रहा है। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि वर्तमान परिस्थितियों में श्रीवास्तव का कार्यकाल बढ़ाए जाने की संभावना ही ज्यादा लग रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस हफ्ते के अंत तक या अगले हफ्ते की शुरुआत में गृह मंत्रालय स्थिति स्पष्ट कर देगा।