आईएसआईएस के आतंकी का आरोप जेल में जबरन करवाया ‘जय श्रीराम’ का जाप


नई दिल्ली। आईएसआईएस के एक कथित आतंकी ने आरोप लगाया है कि तिहाड़ जेल में अन्य कैदियों ने उसकी पिटाई की और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने व जाप करने के लिए मजबूर किया। आत्मघाती हमलों और सिलसिलेवार धमाकों की योजना बनाने के मामले में गिरफ्तार आरोपी राशिद जफर ने उक्त आरोप लगाते हुए अदालत में आवेदन दायर किया है। आवेदन पर संभवत: बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।
आरोपी के अधिवक्ता एम एस खान ने आवेदन में तर्क रखा कि राशिद ने तिहाड़ जेल से फोन के जरिये अपने पिता को घटना की जानकारी दी है। आवेदन में कहा गया है कि आरोपी से उसके साथ बंद कैदियों ने मारपीट की और ‘जय श्री राम’ जैसे धार्मिक नारे लगाने और जाप के लिए मजबूर किया। अधिवक्ता कौसर खान की ओर से पेश आवेदन में मामले की जांच का निर्देश जेल अधिकारियों को देने का आग्रह किया गया है।
राशिद जफर को 2018 में आईएसआईएस से प्रेरित एक समूह का सदस्य होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि आरोपी व उसके साथी राजनेताओं को निशाना बनाने के साथ-साथ दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती हमलों और सीरियल ब्लास्ट की योजना बना रहे थे।
आरोपी को दिसंबर 2018 में नौ अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद एनआईए ने दिल्ली पुलिस की विशेष सेल और उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते के समन्वय से दिल्ली के जफराबाद, सीलमपुर में छह स्थानों पर और उत्तर प्रदेश में 11 स्थानों जिनमें अमरोहा में छह, लखनऊ में दो, हापुड़ में दो और मेरठ में दो स्थानों पर छापे मारे थे। यह छापे 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह से पहले मारे गए थे।
एनआईए के अनुसार आरोपियों के कब्जे से स्थानीय रूप से निर्मित रॉकेट लांचर, आत्मघाती वास्कट के लिए सामग्री और टाइमर के रूप में इस्तेमाल होने वाली 112 अलार्म घड़ियों को बरामद किया था। एनआईए के अनुसार इसके अलावा उनके पास से पोटेशियम नाइट्रेट, अमोनियम नाइट्रेट और सल्फर जैसी 25 किलो विस्फोटक सामग्री भी बरामद की।
आरोप है कि इस संगठन ने कथित तौर पर रिमोट कंट्रोल कारों और वायरलेस घंटियों को रिमोट नियंत्रित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज को सर्किट में इस्तेमाल करने के लिए भी खरीदा था। इसके अलावा एनआईए ने तलाशी के दौरान स्टील के कंटेनर, बिजली के तार, 91 मोबाइल फोन, 134 सिम कार्ड, 3 लैपटॉप, चाकू, तलवार, आईएसआईएस से जुड़ा साहित्य भी बरामद किया था।
जांच एजेंसी ने शुरू में ‘हरकत उल हरब ए इस्लाम’ समूह के 16 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। बाद में साक्ष्यों के आधार पर हिरासत में लिए गए 16 में से 10 को बाद में गिरफ्तार किया गया। इनमें पांच गिरफ्तारी अमरोहा यूपी से और पांच अन्य उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर और जफराबाद इलाकों से हुई थीं।

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