मर चुके और डिस्चार्ज मरीजों के नाम पर रेमडेसिविर का 'खेल', कानपुर के अस्पताल में 'महापाप'


  • कानपुर के हैलट अस्पताल में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है
  • कोरोना की दूसरी लहर में रेमडेसिविर इंजेक्शन में बड़ा खेल हुआ है
  • यहां मर चुके और डिस्चार्ज मरीजों के नाम पर इंजेक्शन निकलवाए गए
कानपुर ब्यूरो। कानपुर के हैलट अस्पताल में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित मरीजों के लिए संजीवनी कहे जाने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन में बड़ा खेल हुआ है। हैलट अस्पताल में मर चुके और डिस्चार्ज मरीजों के नाम पर स्टोर से रेमडेसिविर इंजेक्शन निकलवाए गए। इसके बाद ये इंजेक्शन किसे लगे और कहां गए किसी को कुछ नहीं पता। इस मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान में लिया है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रचार्य डॉ आर बी कमल ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमिटी का गठन किया है। जांच टीम ने फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। सोमवार से टीम रिकॉर्ड रूम के दस्तावेजों को खंगालेगी, और खाली शीशियों के आकड़ों को जुटाएगी। वहीं फार्मेसी विभाग खाली शीशियों को इकट्ठा करने में लगा है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रचार्य डॉ आरबी कमल ने हैलट की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ ज्योति सक्सेना के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया है। इस टीम में डॉ ज्योति सक्सेना के साथ बालरोग विशेषज्ञ डॉ अरूण आर्या और चीफ फार्मासिस्ट राजेंद्र पटेल शामिल हैं। तीन सदस्यीय टीम जांच करने के बाद रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। इस प्रकरण के बाद पूरे स्टाफ में इस संबंध में किसी से बात नहीं करना चाहता है।
खाली शीशियों को इकट्ठा किया जा रहा
हैलट अस्पताल में इस वक्त 923 रेमडेसिविर वॉयल उपलब्ध हैं। वहीं फार्मेसी विभाग के स्टॉक में 2100 शीशियां है। इसके साथ ही हैलट के न्यूरो साइंस कोविड अस्पताल से भी खाली शीशियों को इकट्ठा किया जा रहा है। कोरोना वार्डों में भर्ती और पोस्ट कोविड मरीजों को भी रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाए गए थे। गठित जांच कमेटी एक-एक शीशी का ब्यौरा इकट्ठा करेगी। यदि मरीजों को इंजेक्शन लगाए गए हैं तो खाली शीशियां कहां हैं।
जांच कमेटी ने दर्ज किए बयान
कोरोना से जान गवांने वाले मरीजों के नाम पर रेमडेसिविर इंजेक्शन इंडेंट कराए जाने के प्रकरण में तीन सदस्यी टीम ने फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स समेत अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। इस बायानों के आधार पर सोमवार से टीम अपनी जांच की शुरूआत करेगी। डॉ ज्योति सक्सेना का कहना है कि एक-एक खाली शीशी का हिसाब मांगा जाएगा। अभिलेखों की भी जांच की जाएगी।