10 राज्यों में केस, धोखे से 2 शादियां, 'डॉक्टर' बनकर मौज काट रहे महाठग को दिल्ली पुलिस ने दबोचा


  • पुलिस कस्टडी से हुआ फरार, डॉक्टर बन कर रहा था फर्जीवाड़ा
  • आरोपी को 19 महीने के बाद मेरठ के नर्सिंग होम से पकड़ा गया
  • आरोपी के खिलाफ 10 राज्यों में 27 केस दर्ज हैं
राजीव गौड़,(दिल्ली ब्यूरो)। पुलिस की अपराध शाखा ने एक ऐसे फर्जी डॉक्टर को मेरठ के शास्त्री नगर से गिरफ्तार किया है, जो खुद को एमबीबीएस, एमडी बताकर देशभर के दर्जन भर बड़े अस्पतालों में नौकरी कर चुका है। आरोपी की पहचान मनीष कौल उर्फ वरुण (37) के रूप में हुई। आरोपी के खिलाफ 10 राज्यों में धोखाधड़ी के 27 मामले दर्ज हैं। नवंबर 2019 में आरोपी दिल्ली पुलिस को चकमा देकर मुंबई से फरार हो गया था।
अपराध शाखा के अतिरिक्त आयुक्त शिबेश सिंह ने बताया कि पिछले काफी समय से एसीपी गिरीश कौशिक की टीम आरोपी के बारे में जानकारी जुटा रही थी। टीम को मेरठ के शास्त्री नगर में आरोपी के होने का पता चला। लेकिन, सही पता नहीं मिल पा रहा था। कॉल को इंटरसेप्ट करने के दौरान शुक्रवार को पता चला कि मनीष ने ऑनलाइन खाना ऑर्डर किया। डिलीवरी बॉय की मदद से पुलिस शास्त्री नगर के एक नर्सिंग होम में पहुंची और उसने आरोपी मनीष को दबोच लिया। आरोपी नर्सिंग होम में डॉ. विक्रांत बनकर नौकरी कर रहा था। वह खुद को एमबीबीएस, एमडी बताता था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कई अस्पतालों में डॉक्टर की नौकरी कर डेढ़ लाख रुपये सैलरी भी ले चुुका है। आरोपी ने 12वीं पास करने के बाद बीयूएमएस में दाखिला लिया था, लेकिन उसने दो साल बाद ही पढ़ाई छोड़कर धोखाधड़ी शुरू कर दी थी।
पिता की फैक्टरी में हाथ बंटाता था आरोपी
आरोपी ने बताया कि उसका जन्म अंबाला कैंट इलाके में 1984 में हुआ था। पिता ब्रिजभूषण कौल की अंबाला में दवाई की फैक्टरी थी। 2002 से आरोपी पिता की फैक्टरी में हाथ बंटाने लगा। सबसे पहले सहारनपुर में उसके खिलाफ एक कंपनी से धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज हुआ था। 2002 से 2008 के बीच कई बार उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ।
एमबीबीएस डॉक्टर बता दो महिलाओं से की शादी
आरोपी मनीष ने बताया कि 2007 में वह एक अखबार में विज्ञापन देखकर दिल्ली के पटेल नगर निवासी एक महिला अध्यापक के संपर्क में आया। आरोपी ने खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बता महिला से शादी कर ली। एक बेटी भी हुई। आरोपी ने 2014 में जीवन साथी डॉट कॉम पर प्रोफाइल बनाकर खुद को एमबीबीएस, एमडी और अविवाहित बताया। पंजाब के संगरूर के नर्सिंग होम में डॉक्टर बताया। पिता को भी आरोपी ने एमबीबीएस, एमडी, सेना से रिटायर अधिकारी बताया। प्रोफाइल देखकर अशोक विहार की एक महिला डॉक्टर आरोपी के झांसे में आ गई। 2015 में दोनों ने शादी कर ली। इसके बाद दोनों को एक बेटा हुआ। वर्ष 2018 में महिला डॉक्टर को शक हुआ तो आरोपी ने उसे मारने का प्रयास किया। पुलिस के पहुंचने पर आरोपी ने टीम पर गोली चलाकर फरार होने का प्रयास किया, लेकिन कीर्ति नगर पुलिस ने पकड़ लिया।
पुलिस को चकमा देकर मुंबई से हुआ था फरार
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मनीष के खिलाफ दिल्ली, मुंबई, पंचकूला, गोवा, बंगलूरू, चंडीगढ़, फरीदाबाद, जयपुर, केरल, अंबाला और काशीपुर उत्तराखंड में करीब 27 मामले दर्ज हैं। आरोपी ने कई जगहों पर खुद का नाम मनीष कौल उर्फ वरुण कौल, मनीष चड्ढा उर्फ डॉक्टर आशुतोष मारवाह, डॉ. विशेष धीमान, डॉ. संजीव चड्ढा, डॉ. एस चौधरी, गौरव सेठी, अनू सेठी और डॉ. विक्रांत भगत बताया था। दिल्ली पुलिस की तीसरी बटालियन इसे कई राज्यों में पेश करने के लिए ले गई थी। लेकिन, मुंबई पहुंचने पर आरोपी वसई पुलिस थाना क्षेत्र में टीम को चकमा देकर फरार हो गया था। वहां से भागकर राजस्थान पाली पहुंचा। यहां इसके पिता ने अस्पताल खोला हुआ था। पांच महीने बाद मेरठ आ गया था। 2020 में राजस्थान पुलिस ने मनीष के पिता ब्रिज भूषण कौल उर्फ राजेंद्र पाल कौल को गिरफ्तार कर लिया था। दिल्ली पुलिस ने सभी राज्यों की पुलिस को गिरफ्तारी की सूचना दे दी है।