पुलिस से झड़प के बाद आरएसएस नेता के बेटे ने की आत्महत्या, 11 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, एसएचओ समेत 5 पर मुकदमा दर्ज


बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रंछाड गांव में कथित तौर पर पुलिस की कारवाई से त्रस्त युवक ने फांसी लगा कर जा न दे दी। इसके बाद उच्च अधिकारियों ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर ऐक्शन लिया है, जिसके तहत 11 पुलिसकर्मी लाईन हाजिर किए गए हैं। इसके अलावा बिनौली के इंस्पेक्टर समेत पांच के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। मृतक अक्षय के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। अक्षय के आत्महत्या करने के बाद रंछाड गांव में हंगामा होते देख पुलिस को ग्रामीणों और अक्षय के परिजन की मांगें मांगनी पड़ीं।
एएसपी मनीष कुमार मिश्र ने बताया कि मामले में लापरवाही सामने आने पर इंस्पेक्टर चंद्रकांत पांडेय, एसएसआइ उधम सिंह तालान, बरनावा पुलिस चौकी प्रभारी हरीश चंद त्यागी समेत 11 पुलिस वालों को लाइन हाजिर कर दिया है। अक्षय के पिता श्रीनिवास की तहरीर पर थाने में इंस्पेक्टर चंद्रकांत पांडेय, एसएसआइ उधम सिंह तालान, सिपाही अश्वनी और हेड कॉन्स्टेबल सलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुआ था विवाद
सोमवार को रंछाड गांव में टीकाकरण के दौरान अक्षय और पुलिसकर्मियों में हाथापाई हो गई थी। इसका बदला लेने के लिए पुलिसकर्मियों ने अक्षय के घर में तोड़फोड़ करते हुए परिजन को प्रताड़ित किया और थाने में बंद कर दिया। आरोप है कि अक्षय को पकड़ने के लिए पुलिस ने इंसानियत की हदें पार कर दीं। इसके बाद वह यह सब सहन नहीं कर पाया और खेत में जाकर उसने फांसी लगाकर जान दे दी।
इसके बाद सोमवार देर शाम से मंगलवार सुबह तक आक्रोशित ग्रामीणों ने शव नहीं उठने दिया। एएसपी, सीओ और एसडीएम रात भर गांव में ही डेरा डाले रहे। रात भर सुलह का प्रयास किया गया। अक्षय के पिता आरएसएस के खंड संचालक हैं इसलिए आरएसएस के लोग भी गांव में पहुंच गए और घटना की जानकारी ली।
पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा
मंगलवार सुबह एसपी बागपत अभिषेक सिंह ने पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे का आश्वासन दिया है, जिसके बाद पुलिस को सुबह पौने सात बजे शव को उठाने दिया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम को भेज दिया है।