प्रॉपर्टी डीलिंग कर रहा 12 साल पहले पैरोल पर छूटा हत्यारा हुआ गिरफ्तार


ग्रेटर नोएडा। कुएं में फेंककर पिता की हत्या और बेटे के अपहरण के केस में उम्रकैद की सजा काट रहा आरोपी पैरोल पर छूटने के बाद फरार हो गया था। करीब 12 वर्ष तक वह नाम और हुलिया बदलकर गाजियाबाद की डिफेंस कॉलोनी में रहकर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहा था। रविवार को खेड़ी गांव निवासी राजेंद्र को सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। फरारी के दौरान ही आरोपी ने संपत्ति और मकान बेच दी थी।
पुलिस के मुताबिक शासन से पैरोल पर फरार चल रहे आरोपियों को तलाशकर गिरफ्तारी के आदेश जारी किए गए थे। इसी मामले में 12 साल से फरार चल रहे राजेंद्र की तलाश शुरू की गई थी। खेड़ी गांव के राजेंद्र ने 1981 में अपने भाइयों नरपत और रिचपाल के साथ मिलकर पैसों के लेनदेन के मामले में सुनार रतीराम वर्मा की कुएं में फेंक कर हत्या कर दी थी और उसके बेटे का अपहरण कर लिया था।
अदालत ने आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वर्ष 2009 में अभियुक्त खेड़ी गांव का राजेंद्र पैरोल पर जेल से बाहर आया। पैरोल पर ही आरोपी ने खेड़ी गांव का मकान आदि समस्त चल अचल संपत्ति बेच दी और पत्नी के साथ फरार हो गया। आरोपी ने फरारी की योजन बनाकर औने-पौने दाम में संपत्ति बेची थी। रविवार को मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी को गाजियाबाद के टीला मोड़ डिफेंस कॉलोनी से गिरफ्तार किया।
मास्टर नाम से बना ली थी पहचान
पुलिस के मुताबिक, आरोपी डिफेंस कॉलोनी में पत्नी के साथ रह रहा था। दोनों की कोई संतान नहीं है। आरोपी ने गाजियाबाद में प्रॉपर्टी डीलिंग शुरू कर दी थी और मास्टर के नाम से पहचान बना ली थी। आरोपी को वहां राजेंद्र नाम से कोई नहीं पहचानता था। पुलिस ने सोमवार को आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेजा है।