पूर्वी दिल्ली में इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी के नाम पर हजारों युवाओं से ठगी, दो सरगनाओं समेत 12 को दबोचा, आठ लड़कियां भी शामिल


दिल्ली ब्यूरो। ईस्ट दिल्ली के गाजीपुर गांव में एक फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था। इसके जरिए इंडिगो एयरलाइंस में जॉब दिलाने का झांसा देकर ठगी की जाती थी। पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मास्टरमाइंड की शिनाख्त यूपी के फिरोजाबाद के सुरजीत यादव (24) और यूपी के जौनपुर के सुंदरम गुप्ता (25) के तौर पर हुई है। इनसे सिम कार्ड समेत 16 मोबाइल, 1 लैपटॉप, सीपीयू समेत 6 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 2 वाईफाई राउटर, 2 डेबिट कार्ड और 26 हजार रुपये कैश बरामद हुए हैं।
डीसीपी (ईस्ट) प्रियंका कश्यप ने बताया कि इंडिगो एयरलाइंस ने शिकायत दी थी कि देश के विभिन्न एयरपोर्ट पर जॉब का झांसा देकर लोगों से ठगी हो रही है। जालसाज इंडिगो के फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर भी दे रहे हैं। आरोपियों के बारे में कंपनी की तरफ से कोई सटीक जानकारी नहीं मिल सकी। एसीपी वेदप्रकाश की देखरेख में साइबर सेल के इंस्पेक्टर मनीष कुमार, एसआई निशाकर, सतीश सिंह, सिपाही नरेंद्र कुमार और नीतू की टीम बनाई गई।

टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाना इलाके के गाजीपुर गांव स्थित एक कमर्शल बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर छापेमारी की। मास्टरमाइंड सुरजीत यादव और सुंदरम गुप्ता के अलावा 8 लड़कियों और 2 लड़कों को पकड़ा गया। यह गैंग दक्षिण भारत, बिहार, यूपी और उत्तराखंड के बेरोजगारों को निशाना बनाता था। पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाने में केस दर्ज कर सभी को अरेस्ट किया गया। जांच में पता चला कि आरोपियों ने सैकड़ों बेरोजगारों से 10 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की। सुरजीत और सुंदरम ने 10 कर्मचारियों को 6 से 9 हजार रुपये सैलरी पर रखा था। आरोपी जॉब पोर्टल पर इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी का विज्ञापन देते थे। अप्लाई करने वालों को कंपनी के कर्मचारी कॉल करते थे। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 1500 से 30 हजार रुपये तक ठग लेते थे। पैसा ऐंठने के लिए फर्जी इंटरव्यू कराया जाता था और जाली अपॉइंटमेंट लेटर देते थे।