रिश्तों के लिए संजीवनी बनी नोएडा पुलिस, एफडीआरसी के तहत कोरोना काल में टूटने से बचाए 169 परिवार


नोएडा। उत्तर प्रदेश में कोरोना काल में पारिवारिक विवाद को खत्म करने के लिए शुरू किए गए एफडीआरसी ने 168 जोड़ों के रिश्तों को टूटने से बचाया गया है। कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा की बढ़ती वारदात को देखते हुए इसका गठन किया गया था। पुलिस की टीम ने इस योजना के तहत कई पारिवारिक मामलों का निपटारा किया है।
पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान बढ़ती घरेलू हिंसा के मामलों को देखते हुए एफडीआरसी का गठन किया गया। पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, लिव इन रिलेशनशिप आदि की आने वाली शिकायतों को विशेषज्ञों और पुलिस की संयुक्त टीम ने हल कराए हैं। पिछले एक साल में विभिन्न थानों में आए 188 मामलों को फैमिली डिस्प्यूट सेंटर पर रेफर किया गया, जिनमें से 168 कपल संतुष्ट हुए हैं। जिसके एक साल होने वाले पर केक काटा गया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नर समेत जिले के आला अधिकारी मौजूद रहे। कमिश्नर आलोक कुमार का कहना है कि संस्था के जरिये 89.36 प्रतिशत सफलता मिली है, जो महिला थाने में काउंसलिंग की दर लगभग 38 प्रतिशत से बहुत ज्यादा है। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों की टीम पति-पत्नी के बीच विवाद को पहले ध्यानपूर्वक सुनती है। उसके बाद बिंदुवार उनकी काउंसिलिंग करती है, ताकि परिवार उजड़ने से बच सके।
काउंसिलिंग के दौरान अन्य फैमिली मैंबर और उनके वकील को दूर रखा जाता है। दोनों के बीच पनपे विवाद का हल खोजकर दूर कराया जाता है। एक साल में 168 परिवारों को टूटने से बचाया गया है।