19वी बार बुन्देलखण्ड राज्य निर्माण के लिए बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति ने प्रधानमंत्री को खून से लिखा खत


झांसी,(उत्तर प्रदेश)। बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति झांसी ने प्रथक  बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को 19वी बार खून से लिखा खत  एवं बुंदेलखंड के सांसदों से मानसून सत्र में अलग राज्य का मुद्दा मुखर करने की मांग किया। महोबा के आल्हा चौक में बुंदेलखंड राज्य निर्माण के लिए 635 दिन तक अनशन कर चुके बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय संयोजक तारा पाटकर व अध्यक्ष ई. प्रवीण पांडेय ने बताया कि बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर बुंदेले अब तक 19बार महोबा , चित्रकूट व बांदा ,फतेहपुर में अपने साथियों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने खून से हजारों खत लिख चुके हैं। क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की 115वीं जयंती पर इस बार झांसी में खून से खत लिखने का कार्यक्रम इसलिए  तय किया गया है क्योंकि आजाद ने वहां अपने संघर्ष के कई वर्ष गुजारे थे। वे ओरछा में सातार नदी के किनारे क्षद्म वेश में हरिशंकर शर्मा नाम से रहते रहे और क्रांतिकारियों को प्रशिक्षण देते रहे। उनकी माताजी जगरानी भी झांसी में ही रहीं। उनकी माताजी की समाधि भी झांसी में बनी है।
खून से खत लिखो अभियान में बुंदेली समाज, बुंदेलखंड राष्ट्र समिति, बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा, बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ,बुन्देलखण्ड क्रांति दल समेत तमाम संगठनों के कार्यकर्ता सक्रिय रूप से शामिल हुए।  कार्यक्रम सभी संगठनों के संयुक्त बैनर तले 25 जुलाई को बुंदेलखंड महाविद्यालय में आयोजित किया गया। मुख्य रूप से तारा पाटकर, प्रवीण पाण्डेय , डाल चन्द्र , प्रदुम्न दिक्षित , देव त्रिपाठी, अंशू सिंह परमार, अभिनन्दन पाठक  आदि प्रमुख रूप से रहे।