गाजियाबाद में पत्नी और 2 बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जांच में जुटी पुलिस


  • 40 दिन के मासूम, 5 साल की बच्ची समेत मां की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
  • घर का दरवाजा बंद करके पास की दुकान से दूध लाने गया हुआ था पति
  • बच्चे की डिलिवरी के बाद मायके से 8 जुलाई को ही वापस आई थी पति के पास
  • पुलिस ने फोरेंसिक टीम को घटनास्थल पर बुलाया, हर एंगल पर कर रही जांच
गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र की उत्तरांचल विहार कॉलोनी में 30 मिनट के अंदर एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। 40 दिन पहले इस दुनिया में आए मासूम समेत 5 साल की बच्ची व उसकी मां की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना रविवार रात करीब 9 बजे की है। पति अरविंद ने बताया कि वह रात 9 बजे पास की एक दुकान पर दूध लेने गया था। 30 मिनट बाद जब वापस लौटा तो देखा कि बच्चों के शव बेड पर पड़े हैं, पत्नी कमरे के दरवाजे की चौखट से लटकी हुई है। घर से जाते वक्त पति ने दरवाजा बाहर से बंद कर रखा था।
पूरे परिवार की ऐसी हालत देख वह चिल्लाया तो मौके पर पहुंचे पड़ोसियों की मदद से तीनों को फौरन दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। बॉर्डर थाने के एसएचओ अखिलेश सिंह ने बताया कि इस घटना की जानकारी उन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल से आई कॉल के बाद हुई। इसके बाद पुलिस ने घटना का मौका मुआयना किया है। घर से कोई सूइसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस और भी एंगल पर जांच कर रही है। महिला के परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिवारवालों की ओर से तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी।
मूलरूप से शामली में रहने वाले चौधरी चरणसिंह के 2 बेटे अमित और अरविंद लोनी बेहटा हाजीपुर उत्तरांचल विहार कॉलोनी में पिछले 8 सालों से रह रहे हैं। पिता चरण सिंह की कुछ दिनों पहले ही कैंसर के चलते मौत हो गई थी। अमित गली नंबर 1 में अपने बच्चों के साथ किराए पर रह रहा है तो वहीं अरविंद मलिक का अपना घर गली नंबर 7 में है। घर में उनके साथ पत्नी प्रिया (26) बेटी नव्या (5) और 40 दिन का बेटा था।
अरविंद जनरेटर से बिजली सप्लाई और प्रॉपटी डीलर का काम करते हैं। अरविंद के भाई के परिवार वालों की मानें तो दोनों पति-पत्नि में किसी तरह का काई तनाव नहीं था। खुशहाल जिंदगी जी रहे थे, रविवार को भी दोनों पति-पत्नी ने खाना खाया और अरविंद दूध लाने के लिए बाहर निकला। मौका मुआयना करने पहुंची पुलिस ने घर पर अपना ताला लगाकर आसपास के लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में आसपास के लोगों ने दंपती में कभी किसी प्रकार का विवाद होने की बात नहीं बताई। इसी के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम को बुलाया और जांच कराई।
8 साल पहले की थी लव मैरिज 
प्रिया मूलरूप से बड़ोत के पास बिजरोल की रहने वाली थी। प्रिया के पिता पिछले 12 सालों से लापता हैं। उसके 2 भाई हैं। प्रिया ने 2014 में अरविंद से प्रेम विवाह किया था। कुछ दिनों बाद दोनों के परिवारवालों ने पारंपरिक तरीके से उनकी शादी करा दी थी। करीब 40 दिनों पहले प्रिया को बेटा हुआ। इस दौरान वह मायके में थी। 8 जुलाई को प्रिया अपने दोनों बच्चों के साथ उत्तरांचल विहार कॉलोनी आई थी।
प्रिया और दोनों बच्चों की मौत के बाद अरविंद का पुलिस से करीब 4 घंटे तक संपर्क नहीं हो पाया। वह पुलिस का फोन बार-बार काट देता था। पुलिस ने उसके अमित और बहन रीना से उसे फोन कराया तो वह कहने लगा कि मुझे तलाश मत करो, सुबह 4 लोगों का अंतिम संस्कार करना। मेरा संसार उजड़ गया। मैं भी अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के पास जा रहा हूं। यह कहने के बाद अरविंद का फोन बंद हो गया। अरविंद के आत्महत्या की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तलाश शुरू की। परिवार के लोग जीटीबी अस्पताल पहुंचे तो सुबह करीब 4 बजे अरविंद जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बेसुध हालत में पड़ा मिला। पुलिस ने अरविंद को अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर पुलिस भी तैनात है।
पुलिस में भर्ती होना चाहती थी प्रिया
आसपास के पड़ोसियों ने बताया कि प्रिया बहुत सज्जन व होनहार थी। उसे पुलिस में भर्ती होने की इच्छा थी। उसने दिल्ली पुलिस की परीक्षा भी दी थी। इन दिनों वह बीए अंतिम वर्ष में थी। अपने को फिट रखने के लिए वह सुबह दौड़ लगाने भी जाया करती थी। मंगलवार को उसकी बीए की परीक्षा भी थी। इससे पहले ही वह जीवन की परीक्षा में हार गई।