वेबसाइट पर फर्जी खाते बना ठग लिए 2 करोड़, दो आरोपी गिरफ्तार


  • नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट पर फर्जी खाते बनाकर ठगी करने वाले दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है
  • कोरोना काल के दौरान ठप हुआ कारोबार तो बन गए साइबर ठग
  • ऑन लाइन शॉपिंग वेबसाइट के फर्जी वर्चुअल अकाउंट बनाकर करने लगी ठगी
  • अब तक शॉपिंग वेबसाइट को दो करोड़ का लगा चुके हैं चूना
नोएडा ब्यूरो। नोएडा साइबर क्राइम टीम ने दो ऐसे साइबर ठगों को गिरफ्तार किया हैं जो ऑन लाइन शॉपिंग वेबसाइट पर फर्जी अकाउंट बनाकर ठगी करने का काम करते थे। यह साइबर ठग अब तक ऑनलाइन वेबसाइट को दो करोड़ से अधिक का चूना लगा चुके हैं। साइबर क्राइम टीम ने इनसे तीन मोबाइल बरामद किए हैं। वहीं इनके खाते में जमा 26 लाख रुपये को बैंक ने फ्रीज किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हैं।
अमेजन के डिलीवरी एजेंट के साथ मिलकर किया 'खेल'
नोएडा साइबर क्राइम टीम द्वारा पकड़े गए यह ठग अनिल उर्फ आलोक व सचिन हैं। हरियाणा के हिसार जिले के उकलाना में अनिल उर्फ आलोक की मोबाइल की दुकान हैं जबकि सचिन की गारमेंट की दुकान हैं। आलोक बीएससी पास है जबकि सचिन ने 12 वीं तक पढ़ाई की है। साइबर थाना प्रभारी विनोद पाण्डे ने बताया कि इनसे पूछताछ के दौरान इन्होंने बताया कि कोरोना काल के दौरान इनका कारोबार पूरी तरह ठप हो गया था तो इन्होंने अपने एक साथी अनिल नैन जो कि अमेजन का डिलीवरी एजेंट हैं उसके साथ मिलकर ऑनलाइन ठगी का कारोबार शुरू किया था।
साइबर थाना प्रभारी विनोद पांडे ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह एक मोबाइल नंबर पर 100 वर्चुअल खाते बनाते थे और यह जानकारी उन्होंने यूट्यूब पर सर्च कर सीखी थी। फिर उन अकाउंट से विभिन्न इलेक्ट्रानिक प्रोडक्ट के कोड लेकर उनका प्रीपेड आर्डर करते थे। उसके बाद दिए फर्जी पतों से उन आर्डर को लेकर उन्हें कम कीमतों पर दिल्ली की गफ्फार मार्केट, करोल बाग व दिल्ली-एनसीआर की अन्य दुकानों में बेच देते थे। इनका एक अन्य साथी अनिल नैन जोकि अमेजन में डिलीवरी एजेंट था इसके साथ मिलकर फर्जी तरीके से पिक-अप डन दिखा देता था। इसके बाद आरोपित सारा पैसा अपने खातों में वापस ले लेते थे। ये आरोपी जनवरी 2021 से अब तक दो करोड़ रुपए की ठगी कर चुके हैं। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में 8 से 10 अन्य लोग शामिल है जिनकी तलाश की जा रही है।