ई-रिक्शा को 30 रुपए की ऑनलाइन पेमेंट करके फंसा पालम में डबल मर्डर का आरोपी


  • पालम डबल मर्डर केस को पुलिस ने एक दिन में सुलझाया
  • तानों से तंग आकर भतीजे ने बुआ और बेटे की हत्या की
  • बुआ और कजिन की डंबल मारकर बेरहमी से हत्या की थी
नई दिल्ली। पालम गांव के राजनगर पार्ट-1 में एयरफोर्स में काम करने वाले अकाउंटेंट की पत्नी बबीता वर्मा (52) और इनके बेटे गौरव (27) की हत्या मामले को सुलझा लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, डबल मर्डर की यह वारदात बबीता के भाई के बेटे अभिषेक वर्मा ने की थी। जो दिसंबर 2019 में अपनी बुआ बबीता से 50 हजार रुपये उधार ले गया था। पुलिस का कहना है कि इन्हीं रुपयों को लेकर अक्सर बबीता अभिषेक को ताना मारती थी। इन्हीं तानों से परेशान होकर अभिषेक ने अपनी बुआ और कजन की डंबल मारकर हत्या कर दी थी।
साउथ-वेस्ट दिल्ली के डीसीपी इंगित प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में गिरफ्तार आरोपी का नाम अभिषेक वर्मा है। 33 साल का अभिषेक बुराड़ी के दर्शन विहार में अपने परिवार के साथ रहता है। यही मंगलवार दोपहर 12:40 बजे अपनी बुआ बबीता के घर आया था। यहां से यह डबल मर्डर की वारदात को अंजाम देकर दोपहर 2:45 बजे निकल गया था। पुलिस ने बताया कि इस मामले में ई-रिक्शा में इसने 30 रुपये देने के लिए जो ऑनलाइन पेमेंट की। वह बहुत काम आई। तफ्तीश में पालम गांव थाने के एसएचओ पारस नाथ वर्मा, इंसपेक्टर योगेश, एसआई सुरेंद्र, बाबूलाल, सिपाही भीम और सोनू का अहम योगदान रहा।
पुलिस ने बताया कि वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी अभिषेक ने अपने बुआ के लड़के गौरव के साथ लैपटॉप पर एक हॉलिवुड मूवी देखी थी। मूवी देखने के साथ ही यह बाहर अपनी बुआ बबीता के पास आ गया। उनसे बात करते हुए इसे गुस्सा आया और इसने वहां रखे डंबल से बुआ के सिर पर वार कर दिया। इसे गौरव ने देख लिया। वह भी वहां आ पहुंचा। अभी नीचे गिरी बबीता उठ पाती। इसने गौरव के सिर पर भी डंबल से वार कर दिया। दोनों में थोड़ी बहुत गुत्थागुत्थी भी हुई। लेकिन अंत में इसने गौरव के सिर में डंबल के कई वार करके उन्हें मार डाला। फिर बबीता के सिर में भी डंबल के कई वार किए। इसके बाद यह घर से सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर और अन्य चीज लेकर चला गया। जाते-जाते यह इसे लूट का रूप देने के लिए अलमारी खोलकर उसमें कुछ सामान इधर-उधर कर गया।
वापसी में यह जिस ई-रिक्शा से पास के मेट्रो स्टेशन तक पहुंचा। उसे इसे 30 रुपये देने थे। इनमें एक नोट फटा हुआ था। ई-रिक्शा वाले ने लेने से मना कर दिया। इसने उसे ऑनलाइन पेमेंट कर दी। यहीं से यह पुलिस की पकड़ में आ गया। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और अन्य क्लू से पहले ई-रिक्शा वाले के पास पहुंची। उसे अभिषेक का फोटो दिखाया तो उसने कहा कि हां, इसी ने उसे 30 रुपये की ऑनलाइन पेमेंट की थी। इसके तो चेहरे और कपड़ों पर भी खून लग रहा था। इससे उसने इसका कारण भी पूछा था। पुलिस को समझ में आ गया कि अभिषेक ही आरोपी है।
इधर, आरोपी अभिषेक डबल मर्डर करने के बाद कहीं भागा नहीं था। बल्कि हरदम पुलिस जांच में साथ रहा था। पुलिस इससे कुछ और जानकारी भी ले रही थी। पोस्टमॉर्टम के वक्त भी यह अस्पताल में था। घर पर भी यह पुलिस के सामने दुख जता रहा था। लेकिन उस वक्त पुलिस को भी कहां पता था कि यही आरोपी है। घर से यह मेट्रो स्टेशन तक स्कूटर से आया था। फिर वहां से ई-रिक्शा से घर और घर से स्कूटर तक ई-रिक्शा से ही गया था। पुलिस ने इसके पास से वारदात में इस्तेमाल स्कूटर, कपड़े और अन्य सामान बरामद कर लिया है। पुलिस ने बताया कि यह अपने साथ एक जोड़ी कपड़े भी लाया था। पुलिस पूछताछ में इसने बताया कि इसने जो बुआ से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। इन्हें समय पर वापस ना करने पर बुआ बहुत बुरा-भला कहती थी। इन तानो से परेशान होकर ही उसने यह कदम उठाया।