दिल्ली जलबोर्ड और पीडब्ल्यूडी पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना


नई दिल्ली। बुधवार को बारिश के बाद रोहिणी के कुछ रिहायशी कॉलोनियों में जलभराव और उससे नालों से निकली गंदगी से चारों ताफ फैलने पर एमसीडी ने पीडब्ल्यूडी, जलबोर्ड और डीएसआईडीसी के खिलाफ 50-50 हजार रुपये का चालान किया है। तीनों विभागों के खिलाफ एनजीटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। मामले में पूर्व मेयर प्रीति अग्रवाल का कहना है कि रोहिणी के राजा विहार सहित कई इलाकों में स्थित छोटे नालों से बड़े नालों में पानी ही नहीं जा रहा था।
उनका कहना है कि रिहायशी कॉलोनियों में 4 फुट गहरे या इससे कम गहरे जितने भी नाले हैं, उनका कनेक्शन 45 फुट या 60 फुट चौड़ी पीडब्ल्यूडी की सड़कों के साथ बने नालों से हैं। बुधवार को मूसलाधार बारिश होने पर बड़े नालों से पानी की निकासी ही नहीं हो पा रही थी। जिससे छोटे नालों से भी पानी आगे नहीं जा रहा था और रोहिणी के राज विहार स्थित कई कॉलोनियों में घंटों बरसाती पानी जमा रहा। पानी की निकासी जब किसी तरह हो गई थी, नालों से निकले गंदगी वहीं रह गए।
गुरुवार सुबह बदबू और गंदगी से उनकी कॉलोनियों में लोगों का बुरा हाल था। लोगों ने उनसे इसकी शिकायत की। इसके बाद वह एमसीडी के संबंधित अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची और जिन विभागों के बड़े नाले थे, उनके खिलाफ गंदगी फैलाने के लिए जुर्माना लगाने का आदेश दिया। इसमें दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी, जल बोर्ड और डीएसआईआईडीसी के खिलाफ 50-50 हजार रुपये जुर्माना लगाने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना लगाने के लिए चालान भी विभागों के हेड को जारी कर दिया गया है।