ओडिशा में पुजारी बनकर रह रहा था पत्नी का 'हत्यारा', 9 साल बाद गाजियाबाद पुलिस ने दबोचा


गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद की इंदिरापुरम पुलिस ने 2012 में अपनी पत्नी को मौत के घाट उतारने वाले हत्यारे पति को आखिर 9 साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद उसी समय से फरार चल रहा था। आरोपी ओडिशा के एक मंदिर में पुजारी के रूप में रह रहा था।
पत्नी की हत्या के बाद बना पुजारी
मूल रूप से गांव अछिंदा थाना वालीकुंडा जिला जगतसिंहपुर ओडिशा का रहने वाला मनोज उर्फ मनोरंजन 2007 में इंदिरापुरम इलाके में रहता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात गीता नाम की एक युवती से हो गई और दोनों में प्यार हो गया। जिसके बाद दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया। करीब 3 साल तक सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन 2010 में दोनों में आपसी मतभेद शुरू हो गया और दोनों ही अलग-अलग रहने लगे। गीता घरों में साफ-सफाई का काम कर अपना गुजारा करने लगी, लेकिन मनोज का गुस्सा फिर भी शांत नहीं हुआ। जब गीता 29 सितंबर 2012 को अपने काम से घर लौट रही थी। उसी दौरान मनोज ने गीता की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गया।

9 साल तक छिपा रहा आरोपी
क्षेत्राधिकारी अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि गीता के भाई ने मनोज के खिलाफ अपनी बहन की हत्या किए जाने की तहरीर थाना इंदिरापुरम में दी थी। जिसका मामला दर्ज करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की गई। तमाम जगह छापेमारी के बाद भी आरोपी का कोई पता नहीं चला। जिसके बाद मनोज के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी हुए और उसके घर की कुर्की भी हुई, लेकिन उसके बाद भी मनोज का कोई पता नहीं चल पाया। बहरहाल पुलिस ने अपना जाल बिछाया और जानकारी प्राप्त हुई कि आरोपी मनोज ओडिशा के एक मंदिर में पुजारी बन कर रह रहा है। इसके बाद ओडिशा पुलिस से संपर्क कर गाजियाबाद पुलिस ने आरोपी मनोज को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि मनोज ने अपना जुर्म भी स्वीकार कर लिया है और उसे सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।