फर्जीवाड़े में बीजेपी विधायक को कोर्ट ने भेजा जेल, फर्जी मार्कशीट से लड़ाया था पत्नी को सरपंच का चुनाव


उदयपुर। राजस्थान के सलूंबर विधायक अमृतलाल मीणा की जमानत याचिका खारिज करते हुये सोमवार को सराड़ा कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मीणा पर फर्जी मार्कशीट के आधार पर पत्नी को पंचायत चुनाव लड़ाने का आरोप है। इस मामले में विधायक मीणा ने कोर्ट में जमानत याचिका पेश की थी जिसे सोमवार को कोर्ट ने खारिज करते हुये जेल भेज दिया। इससे ठीक पहले विधायक ने कोर्ट के आदेश पर ही न्यायालय में सरेंडर किया था। करीब 2 घंटे कोर्ट में वकीलों की बहस चली और उसके बाद विधायक को जेल भेजने का आदेश दिया गया।
फर्जी मार्कशीट पर पत्नी को लड़ाया था सरपंच का चुनाव
6 साल पहले 2015 में विधायक अमृतलाल मीणा की पत्नी शांता देवी को सरपंच का चुनाव लड़ाया था। इस चुनाव में शांता देवी ने निकट प्रतिद्वंद्वी सुगना देवी को शिकस्त दी थी। लेकिन चुनाव परिणाम के बाद सेमारी सरपंच बनने वाली शांता देवी के खिलाफ फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने आरोप लगा। हारने वाली सुगना देवी की ओर से दर्ज शिकायत के बाद जांच सीबीसीआईडी ने की और इसमें अमृतलाल की पत्नी शांता देवी की मार्कशीट नकली पाई गई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरेंडर किया, फिर जेल
जांच में मार्कशीट फर्जी पाई गई और उसमें अभिभावक के स्थान पर अमृतलाल मीणा के हस्ताक्षर होने पर विधायक को भी आरोपी बनाया गया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की से निचली अदालत में सरेंडर करने के आदेश पर सोमवार को अमृतलाल मीणा ने सहाड़ा कोर्ट पहुंचे थे। अमृतलाल के वकील ने लंबी पैरवी की लेकिन कोर्ट ने उसकी दलीलें नहीं मानी और जमानत याचिका खारिज कर दी।