आधी रात को गश्त पर निकले दिल्ली पुलिस कमिश्नर बालाजी श्रीवास्तव


दिल्ली ब्यूरो। संसद के मानसून सत्र, स्वतंत्रता दिवस और किसानों के प्रस्तावित संसद मार्ग को देखते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त बालाजी श्रीवास्तव ने बीती रात राजधानी की सीमाओं और लाल किले पहुंचे। उन्होंने टीकरी, सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वह पहले पुलिस आयुक्त हैं जो तीनों ही बॉर्डरों पर गए हैं। पुलिस आयुक्त ने रात दो बजे तक जनरल गश्त की थी। इस दौरान पूरी दिल्ली पुलिस सड़कों पर रही और थानाध्यक्ष गश्त करते हुए दिखाई दिए। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जारी बयान में कहा है कि श्रीवास्तव ने स्वतंत्रता दिवस से पहले पुलिस की तैयारियों और तैयारियों का जायजा लेने के लिए रविवार रात को सीमा, लाल किला और नई दिल्ली क्षेत्रों का दौरा किया। रविवार की रात गश्त के दौरान 30 हजार से अधिक पुलिस कर्मी पूरे शहर में गश्त कर रहे थे। 
पुलिस आयुक्त ने लाल किले और संसद परिसर के अलावा सिंघु, टिकरी और गाजीपुर सीमाओं पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए मौके पर तैनात अपने कर्मचारियों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने राजधानी में ड्यूटी पर तैनात हर जमीनीकर्मियों की ओर से सतर्कता और सतर्कता की आवश्यकता पर बल देते हुए पुलिसकर्मियों और महिलाओं को 24 घंटे तैयार रहने के लिए प्रेरित किया और साथ ही कहा कि राजधानी को सुरक्षित रखने के लिए दिल्ली पुलिस को जनता का विश्वास सौंपा गया है। न शहर सोता है, न हम।
बालाजी श्रीवास्तव ने जिला पुलिस उपायुक्तों को समय पर भोजन, उचित आश्रय और कर्तव्यों के रोटेशन की व्यवस्था करके तैनाती पर कर्मियों के कल्याण की देखभाल करने का निर्देश दिया। कहा कि पुलिसकर्मी ड्यूटी के आह्वान में बहुत से व्यक्तिगत बलिदान करते हैं। 
संसद के मानसून सत्र को देखते हुए सोमवार को संसद भवन समेत पूरी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। नई दिल्ली के बॉर्डरों पर सुबह से ही जबरदस्त चेकिंग की जा रही थी। चेकिंग के बाद ही नई दिल्ली में प्रवेश करने दिया जा रहा था। नई दिल्ली जिले के सीनियर पुलिस अधिकारी संसद भवन व राजपथ पर दिनभर गाड़ियों में गश्त करते रहे। हालांकि, सोमवार को दिन ठीक-ठाक से निकल गया। कहीं से भी किसी किसान के आने की सूचना नहीं मिली थी।