महिला प्रधान से सचिव ने की गाली-गलौज, कहा- ऐसे प्रधान मेरे जूते की नोंक पर रहते हैं


हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में शपथ ग्रहण से पूर्व ग्राम पंचायत की निधि से एक लाख से अधिक रुपये की धनराशि भुगतान किए जाने के मामले में जानकारी करना नवनिर्वाचित महिला प्रधान को बड़ा महंगा पड़ा। पंचायत सचिव ने महिला प्रधान से अभद्रता करते हुए कहा कि ऐसे प्रधान मेरे जूते की नोंक पर हैं। इतना ही नहीं सचिव ने गाली-गलौज करते हुए महिला प्रधान को ब्लॉक कार्यालय से बाहर कर दिया।
मामला हमीरपुर जिले के कुरारा ब्लॉक के लहरा ग्राम पंचायत से सामने आया है। यहां नीतू देवी गांव से प्रधान पद के लिए निर्वाचित हुई हैं। चुनाव के दौरान ही पंचायत सचिव और पंचायत मित्र ने गांव में कराए गए कार्यों का भुगतान प्रधान के डोंगल से ठेकेदार को कर दिया। इसकी जानकारी होने पर प्रधान ब्लॉक कार्यालय पहुंचीं तो वहां सचिव और पंचायत मित्र भड़क गए। महिला प्रधान का आरोप है कि इन दोनों से बस इतना ही कहा गया कि उनकी बिना सहमति के कोई भी भुगतान न किया जाए। प्रधान के डोंगल से जो भुगतान किया गया है, वह फर्जी है। प्रधान ने कहा कि इतनी बात सुनते ही सचिव और पंचायत मित्र ने उन्हें अपमानित करते हुए कहा कि ऐसे प्रधान जूते की नोंक पर रखते हैं। प्रधान को दोनों ने ब्लॉक कार्यालय से भगा दिया।
कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर प्रधान ने डीएम से की फरियाद
पंचायत सचिव और पंचायत मित्र से अपमानित प्रधान नीतू देवी ने कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन देकर पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। प्रधान के साथ गांव के तमाम ग्रामीण भी धरने पर बैठे थे। महिला प्रधान ने कहा कि पंचायत सचिव का व्यवहार प्रधानों के प्रति अच्छा नहीं है। महिला प्रधान ने बुधवार को दोपहर बताया कि ब्लॉक कार्यालय में बिना सहमति के 1.13 लाख रुपये के भुगतान किए जाने पर जानकारी मांगी तो सचिव ने अमर्यादित बातें कही। मामले की शिकायत के बाद भी अभी तक सचिव और पंचायत मित्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
सचिव ने आरोपों को बताया गलत
पंचायत सचिव मनीष कौशिक ने बताया कि महिला प्रधान से कोई अभद्रता नहीं की गई है, वह गलत बोल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साल सरकारी कार्य का 36 हजार रुपये का पेमेंट लंबित था, जिसे प्रधान के डोंगल के जरिये भुगतान किया गया है। सचिव ने आरोप लगाया कि प्रधान अपने समर्थकों के साथ ब्लाक कार्यालय आकर पैसे मांगे हैं। मना करने पर हंगामा किया गया है।