गाजियाबाद में सरकारी ऐंबुलेंस सेवा बंद, मांगे पूरी न होने पर हड़ताल पर गए कर्मचारी


गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद में सरकारी ऐम्बुलेंस वर्करों को समायोजित करने की मांग को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इसको लेकर 3 दिनों में शासन स्तर से कोई सहमति नहीं बन पाई, जिसकी वजह से रविवार देर शाम पूर्ण हड़ताल का फैसला लिया गया है। ऐम्बुलेंस सेवा बंद होने पर मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐम्बुलेंस संघ के जिला अध्यक्ष बृजमोहन ने बताया कि एएलएस ऐम्बुलेंस के कर्मचारियों को कंपनी बदलने पर पुराने कर्मचारियों को ना बदलने समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। शुरुआत में केवल 3 दिन तक सांकेतिक तौर पर धरना प्रदर्शन किया गया था, जो रविवार को भी जारी रहा। हालांकि इस दौरान सिर्फ एएलएस ऐम्बुलेंस सेवा को ही बंद किया गया, लेकिन अब 3 दिन बीते चुके हैं। जिला स्तर से कोई अधिकारी भी धरना स्थल तक नहीं पहुंचा।
बृजमोहन ने बताया कि बावजूद इसके उन्हें 8 जुलाई को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया था। अब 3 दिन बाद भी मांगे पूरी नहीं होने पर सोमवार से 108, 102 व एएलएस की सभी ऐम्बुलेंस सेवाओं को बंद करके चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रदाता कंपनियों की होगी।
जिले में सरकारी स्तर पर 38 ऐम्बुलेंस का संचालन किया जा रहा है। इसमें 5 एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) जिसका इस्तेमाल अन्य जिलों में मरीज को लेकर जाने में किया जाता है। 102 वाली 17 ऐम्बुलेंस जो गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाने और घर छोड़ने में काम आती हैं, जबकि 108 वाली 16 ऐम्बुलेंस का इस्तेमाल दुर्घटना में घायल मरीज को अस्पताल में पहुंचाने में किया जाता है।
सीएमओ के कहने पर 3 ऐम्बुलेंस देंगी सेवाएं
जीवनदायिनी ऐम्बुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष बृज मोहन ने बताया कि इमरजेंसी सेवा के लिए जिले में 108 वाली केवल 3 ऐम्बुलेंस संचालित की जाएंगी। एक ऐम्बुलेंस भोजपुर, दूसरी वर्धमानपुरम पुलिस चौकी मुरादनगर व तीसरी लोनी में रहेगी। इन ऐम्बुलेंसों का संचालन लखनऊ से आने वाली कॉल के आधार पर नहीं होगा। ये ऐम्बुलेंस सीएमओ के निर्देशन में चलाई जाएगी, बाकी ऐम्बुलेंस का संचालन ठप रहेगा।