यूपी में कांवड़ यात्रा रद्द होने का संतों ने किया स्वागत, बोले- जीवन रहेगा, तभी आस्था रहेगी


अयोध्या। उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा रद्द करने के योगी आदित्यनाथ सरकार के फैसले का अयोध्या के संतों ने स्वागत किया है। संतों ने कहा कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में अभी सावधानी बरतनी जरूरी है। प्रदेश में शनिवार को योगी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कांवड़ यात्रा को रद्द करने का फैसला लिया था। वहीं इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने भी कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते इस बार कांवड़ यात्रा को रद्द कर दिया था।
कांवड़ यात्रा एक बार फिर रद्द होने के बाद अयोध्या के सिद्धि पीठ हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास योगी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है और अभी सावधानी बरतनी जरूरी है। ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए कांवड़ यात्रा रद्द किया, इसके लिए उन्हें कोटि-कोटि आभार है। राजूदास ने आगे कहा कि अभी लोगों को कोरोना से बचने के सभी उपायों का पालन करना होगा। सभी लोगों को वैक्सीन लगवाना होगा।
तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने कहा कि कांवड़ यात्रा हजारों-करोड़ो साल पहले से चली आ रही है। यह भगवान भोलेनाथ की उपासना का अनोखा तरीका है। इसमें एक तरह से भक्त और भगवान का मिलन होता है लेकिन आस्था तभी रहेगी जब जीवन रहेगा। परमहंस दास ने कहा कि इस कोरोना महामारी में तमाम लोगो की जान चली गई है। ऐसे में आवश्यक है कि जन जीवन की रक्षा के लिए लोग कोविड नियमों का पालन करते हुए आसपास के शिवालयों में भगवान भोलेनाथ की उपासना करें।
महंत ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनजीवन की रक्षा के लिए कांवड़ यात्रा को रद्द किया है। हम सभी साधु-संत मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देंगे। जनता से भी अपील करेंगे कि इस बार किसी भी तरह से लोग दुखी न हों क्योंकि आपके जीवन की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री जी ने यह कदम उठाया है। जीवन रहेगा, फिर न जाने कितनी बार कांवड़ यात्रा होगी। कोरोना महामारी का अंतिम दौर चल रहा है। भगवान चाहेंगे तो यह कोरोना का अंतिम दौर होगा।