गुरुद्वारा बाला साहिब में देश का सबसे बड़ा किडनी अस्‍पताल, अब तक सात हजार लोगों ने फ्री में कराया डायलिसिस


दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी की ओर से गुरुद्वारा बाला साहिब में चलाए जा रहे देश के सबसे बड़े किडनी डायलिसिस अस्पताल में अब तक 6800 से ज्यादा लोगों ने फ्री में डायलिसिस कराया है। यह रेकॉर्ड सिर्फ 120 दिन में बनाया गया है। यह दुनिया का पहला ऐसा अस्पताल है, जहां बिल काउंटर नहीं है। इलाज के लिए मरीज को सिर्फ रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इतना ही नहीं इलाज के साथ दवा भी फ्री दी जाती है। गुरुद्वारा कमिटी ने यहां लगाई गई मशीनें और उपकरण जर्मनी से मंगवाए हैं। जानकारी के मुताबिक, देश के कई शहरों से मरीज यहां इलाज कराने आ रहे हैं।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि हमें खुशी मिल रही है कि इतने कम समय में 6800 से ज्यादा लोग फ्री में डायलिसिस करा चुके हैं। यह ऐसी बीमारी है, जिसके चलते लोगों के घर तक बिक जाते हैं। कई को जिंदगी भर डायलिसिस कराना पड़ा रहा है। ऐसे में गुरुद्वारा कमिटी मरीजों की सेवा में काम आई इससे अच्छी बात क्या हो सकती है। सिरसा ने बताया कि आज जम्मू से आए 2 मरीजों का डायलिसिस सेशन चल रहा है। कोलकाता से भी 3 मरीज आए हुए हैं।
देशभर से यहां आ रहे लोग
दिल्ली के कोने-कोने से लोग आ रहे हैं। एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान से भी मरीज रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। रोजाना भीड़ बढ़ रही है। यहां सिर्फ डायलिसिस ही नहीं बल्कि उसके बाद लगने वाला टीका भी फ्री में लगाया जाता है, जिसकी प्राइवेट अस्पताल में कीमत 1800 रुपये है। गुरुद्वारा कमिटी से मिली जानकारी के मुताबिक, इस अस्पताल की शुरुआत 20 साल बाद हुई है। जिन किडनी के मरीजों को डायलिसिस कराने की जरूरत है, वे यहां कभी भी आकर करा सकते हैं।
पूरे समय हेल्थकेयर स्टाफ मौजूद रहता है। इसके साथ ही डायलिसिस ब्लॉक में प्राइवेट वॉर्ड से लेकर कोरोना मरीज को ध्यान में रखते हुए प्राइवेट रूम्स बनाए गए हैं। ब्लॉक से लेकर इन रूम्स में एलईडी यूनिट्स लगाई गई हैं, जिनपर दिल्ली और देश के अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों का लाइव टेलिकास्ट होता है।