रिश्वत लेने यूपी पुलिस का दारोगा चला गया राजस्थान,एसीबी ने किया गिरफ्तार


  • राजस्थान एसीबी की भरतपुर में बड़ी कार्रवाई
  • उत्तर प्रदेश के दरोगा को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार
  • दहेज के मामले में पीड़ित राजवीर सिंह से मांगी थी रिश्वत राशि
  • भुसावर थाना क्षेत्र के गांव तरगमा में राशि लेने आया था दरोगा
  • उत्तर प्रदेश के थाना मगोर्रा में तैनात है दरोगा
भरतपुर। प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ताड़बतोड़ कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में एसीबी की टीम ने भरतपुर में पुलिस महकमें में फैले भ्रष्टाचार का खुलासा किया है। टीम ने यहां उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में मगोर्रा थाना पर तैनात पुलिस उपनिरीक्षक प्रेमपाल सिंह को 30,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एसीबी अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार यह रिश्वत परिवादी से उसकी पत्नी द्वारा लगाए गए दहेज प्रताड़ना के मामले में रियायत देने की एवज में मांगी गई थी ।
भीलवाडा में तैनात कांस्टेबल से मांगी थी रिश्वत
दरअसल भरतपुर जिले के भुसावर थाना के गांव तिरगमा निवासी परिवादी राजवीर सिंह, जो भीलवाड़ा पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात है। उसकी पत्नी मिथलेश देवी जो उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की निवासी है । उसने पति राजवीर सहित परिजनों पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मथुरा जिले के मगोरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी । इसकी जांच वहां तैनात पुलिस उपनिरीक्षक प्रेमपाल सिंह कर रहा था । प्रेमपाल सिंह ने परिवादी राजवीर सिंह से दहेज प्रताड़ना मामले में रियायत देने व उसके दो भाइयों के नाम निकालने की एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
अधिकारियों ने बताया कि रविवार को मगोर्रा थाने का दरोगा प्रेमपाल सिंह रिश्वत लेने के लिए परिवादी के गांव तिरगमा पहुंचा। यहां एसीबी ने पहले से ही जाल बिछा रखा था, जैसे ही दरोगा प्रेमसिंह पहुंचा, एसीबी ने काईवाई करते हुए उसे रुपये 30,000 की रिश्वत के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया ।
उल्लेखनीय है कि यह जानकारी भी मिल रही है कि शिकायतकर्ता पत्नी मिथलेश ने शिकायत करने के बाद मगोर्रा थाने के जांच अधिकारी उप निरीक्षक प्रेमपाल से इस मामले में कोई भी कार्यवाही नहीं करने का आग्रह किया था। कांस्टेबल राजवीर सिंह की पत्नी मिथलेश ने राजीनामा की अपील करते हुए प्रार्थना पत्र भी दिया था मगर जांच अधिकारी प्रेमपाल सिंह परिवादी से रिश्वत देने के लिए दबाव डाल रहा था ।