कातिलाना हमले में वॉन्टेड कृष्ण पहलवान का गुर्गा पकड़ा, रह चुका है कबड्डी खिलाड़ी


नई दिल्ली। नजफगढ़ में सक्रिय कृष्ण पहलवान गैंग के वॉन्टेड कुख्यात बदमाश को क्राइम ब्रांच ने दबोच लिया है। आरोपी सुनील दहिया (32) बाबा हरिदास नगर थाना इलाके में कातिलाना हमले के मामले में वॉन्टेड था। वह उत्तम नगर का रहने वाला है। गैंगवॉर में गोलीबारी करने वाले दहिया से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और दो कारतूस बरामद किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
जॉइंट सीपी (क्राइम) आलोक कुमार ने बताया कि कृष्ण पहलवान और तिहाड़ जेल में बंद जग्गू गैंग के हेमंत के बीच लंबे समय से गैंगवॉर चल रही है। इसी कड़ी में 12 जनवरी को सुनील दहिया ने साथियों समेत हेमंत के करीबी अमित शौकीन पर घर जाकर फायरिंग की। हमले में अमित बच गया। पुलिस ने वारदात में शामिल आरोपी राजेश और जय भगवान को अरेस्ट कर लिया था। लेकिन सुनील और इसका साला कृष्ण फरार थे। क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी को कृष्ण पहलवान के गढ़ नजफगढ़ के कैरी गांव से पकड़ लिया।
सुनील ने पूछताछ में बताया कि 11 जनवरी को वह अपने चाचा जय भगवान के साथ एक दोस्त के घर बैठा था। वहां हेमंत गैंग का अमित प्रॉपर्टी के सौदे के लिए पहुंचा। विरोधी गैंग होने से उनके बीच झगड़ा हो गया। अमित दोस्त की कार में वहां से भाग निकला। सुनील अपने साथियों को लेकर गांव दिचाऊं कला स्थित अमित के घर पहुंचा और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इसमें अमित और उसका चचेरा भाई अंकुश जख्मी हो गए थे। वह गुड़गांव के दिनेश नाम के एक शख्स से पिस्टल खरीदकर लाया था।
दहिया कबड्डी का खिलाड़ी और कोच रह चुका है। वह दिल्ली के जाफरपुर में 'भारत माता स्पोर्ट्स क्लब' नाम से अकैडमी भी चलाता है। आरोपी के चाचा जय भगवान ठेकेदार हैं, जिनके जरिए ही वह कृष्ण पहलवान से मिला और उसके गैंग में शामिल हो गया। कृष्ण पहलवान की हेमंत गिरोह से पुरानी रंजिश है। दोनों गैंग नजफगढ़ एरिया में सक्रिय है। दबदबा बनाने के लिए दोनों दोनों गैंग के बीच कई हत्या और कातिलाना हमले हो चुके हैं।