इनकम टैक्स इंस्पेक्टर बन ढाई माह से होटल में रुका था बीटेक पास युवक


गाजियाबाद ब्यूरो। इनकम टैक्स इंस्पेक्टर बनकर ढाई महीने से होटल में रह रहे बीटेक पास युवक को सिहानी गेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी कविनगर के गोविंदपुरम इलाके में किराए पर रह रहा था। आरोपी के कब्जे से इनकम टैक्स विभाग का फर्जी नियुक्ति-पत्र और आई कार्ड बरामद हुआ है। होटल का किराया मांगने पर आरोपी ने रौब गांठते हुए हड़काया तो होटल संचालक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास होटल में संदिग्ध लोगों का आना-जाना था। पुलिस उन लोगों की खोजबीन कर रही है।
एसएचओ सिहानी गेट कृष्ण गोपाल शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर पुराना बस अड्डा स्थित सिटी लॉज होटल से एक युवक को गिरफ्तार किया। जिसकी पहचान गोविंदपुरम निवासी मोहम्मद रफीक के रूप में हुई है। वह मूलरूप से बोकारो झारखंड का रहने वाला है। एसएचओ ने बताया कि रफीक बीते दो माह से उक्त होटल में किराए का कमरा लेकर रह रहा था। शुरुआत में रफीक ने होटल मैनेजर को कुछ पैसे दिए थे, लेकिन बाद में वह खुद को इनकम टैक्स विभाग का इंस्पेक्टर बताकर मैनेजर पर रौब गालिब करने लगा। होटल मैनेजर ने रफीक पर करीब 15 हजार रुपये बकाया होने की बात पुलिस को बताई।
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि पुराना बस अड्डा स्थित एक लॉज से मोहम्मद रफीक निवासी बोकारो, झारखंड को गिरफ्तार किया है। वर्तमान में वह गोविंदपुरम में किराए पर रह रहा था। करीब ढाई माह पहले मोहम्मद रफीक ने होटल में कमरा लिया था। इस दौरान उसने परिचय पत्र दिखाते हुए खुद का परिचय इनकम टैक्स इंस्पेक्टर के रुप में दिया और कुछ पैसे जमा कर दिए। इनकम टैक्स इंस्पेक्टर बताने पर होटल संचालक द्वारा किराए में छूट दी गई थी। ढाई माह तक होटल में रहने के दौरान मोहम्मद रफीक पर करीब 15 हजार रुपये किराया बकाया हो गया। आरोप है कि किराया मांगने पर रफीक ने रौब गांठना शुरू कर दिया और होटल संचालक को भी हड़काया। शक होने पर होटल संचालक ने पुलिस को सूचना दी।
घरवालों की आंखों में धूल झोंकने को बना फर्जी इंस्पेक्टर
एसपी सिटी ने बताया कि मोहम्मद रफीक बीटेक पास है, लेकिन उसकी नौकरी नहीं लगी। आर्थिक तंगी से जूझने पर परिजनों पर बोझ बनने के कारण उसने मोबाइल की खरीद-फरोख्त का काम भी शुरू किया, लेकिन कोरोना काल में वह भी ठप हो गया। इसके बाद घरवालों की आंखों में धूल झोंकने के लिए वह फर्जी इनकम टैक्स इंस्पेक्टर बन गया। भरोसा दिलाने के लिए उसने खुद ही भारत सरकार का नियुक्ति-पत्र तैयार किया और आई कार्ड भी बनवा लिया।
खुद को ट्रेनिंग पर बता पिता से हर महीने मंगाता था खर्चा
पुलिस के मुताबिक नियुक्ति-पत्र दिखाकर मोहम्मद रफीक ने परिजनों से कहा कि उसकी सरकारी नौकरी लग गई है और वह इनकम टैक्स विभाग में इंस्पेक्टर बन गया है। वह खुद को ट्रेनिंग पर जाने की बात कहकर हर महीने पिता से खर्चे के रुपये भी मंगाता था। पुलिस के सामने पोल खुलते ही वह माफी मांगने लगा और घरवालों को उसका कारनामा न बताने की गुहार लगाने लगा।
कौन मिलने आता था, पता लगा रही पुलिस
एसपी सिटी का कहना है कि अभी तक मोहम्मद रफीक द्वारा किसी व्यक्ति से ठगी का मामला सामने नहीं आया है। यह पता चला है कि कुछ लोग उससे मिलने के लिए होटल में मिलने आते थे। वह लोग कौन हैं तथा फर्जी नियुक्ति-पत्र और आई कार्ड का उसने क्या फायदा उठाया। पुलिस इसकी खोजबीन में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि रफीक से मिलने आने वाले लोगों का पता लगाने के लिए होटल के कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी।