पुरानी रंजिश में सुपारी देकर कराई अजीम की हत्या, एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड ने पकड़े दो शूटर


उत्तर पूर्वी दिल्ली। यमुनापार के गोकुलपुरी इलाके में हुई अजीम की हत्या के सनसनीखेज मामले का महज 48 घंटों में जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड टीम ने खुलासा करते हुए दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 20 वर्षीय समीर और 18 वर्षीय फैसल के रूप में हुई है। पुलिस ने पकड़े आरोपियों के पास से दो देशी पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं। AATS ने अजीम के हत्यारों को पकड़ाAATS की टीम ने शुरू की मामले की तफ्तीशउत्तर पूर्वी जिले के डीसीपी संजय कुमार सेन ने बताया कि गत 26 जून की शाम को पुलिस को सूचना मिली थी कि गोकुल पुरी इलाके में अज़ीम नाम के शख्स को दो लड़कों ने गोली मार दी है। गंभीर रूप से घायल अज़ीम को तत्काल ही पास के ही अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों से उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पाकर मौके पर पहुंची दयालपुर पुलिस के साथ AATS की टीम ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी। लोकल पुलिस के साथ ही एसीपी ऑपरेशन नरेश खनका के नेतृत्व में AATS इंचार्ज एसआई अखिल, एसआई मनोज, हेड कांस्टेबल राजदीप, विपिन, कांस्टेबल पावित, संचित, नितिन, दीपक के अलावा TST ब्रांच के ASI बिजेंद्र की टीम तहकीकात में जुट गई। घटनास्थल के आसपास लगे तीस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, लंबी दूरी तक जांच के बाद पुलिस को आरोपियों की पहचान हो गई। पुलिस टीम 36 घंटे तफ्तीश में लगी रही और आखिरकार पुलिस ने एक सटीक सूचना के बाद आरोपियों को भागीरथी विहार नाले के पास ट्रैप लगाकर संदिग्ध अवस्था में पकड़ लिया। तलाशी लेने पर दोनों के पास से पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए।
डीसीपी ने बताया कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ में वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। साथ ही उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें किसी वकील नाम के एक शख्स ने इस वारदात के लिए हायर किया था। साथ दी वकील ने उन्हें हथियार दिए और हत्या के बाद ढाई लाख रुपए देने की बात कही। वकील इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड है, जिसकी अजीम के साथ पुरानी रंजिश थी। यह दोनों आरोपी अपराध की दुनिया में नए है, दोनों का कोई भी अपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं मिला है। पैसों के लालच में इन्होंने वकील के लिए इस वारदात को अंजाम दिया.बाबू नगर गली नंबर दस में रहने वाले समीर के परिवार में बूढ़े माता पिता, तीन भाई एक बहन हैं. सोफ़ा बनाने का काम करने वाला समीर लॉकडाउन की वजह से बेरोजगार था, नशे की वजह से यह ग़लत लोगों की संगत में पड़ गया, जबकि फैसल यमुना विहार में एसी की शॉप पर काम करता था, लॉकडाउन की वजह से उसकी नौकरी चली गई।