प्रतिबंधित क्षेत्र में उड़ने पर ड्रोन को मार गिराने के आदेश, गृह मंत्रालय ने एसओपी की लागू


दिल्ली ब्यूरो। अगर कोई ड्रोन जैसी वस्तु संवेदनशील क्षेत्र के नजदीक उड़ती है तो उसे तुरंत गोली मारने के आदेश जारी किए गए हैं। ड्रोन जैसी वस्तु संवेदनशील एरिया व उसके पास आती है तो उसका ध्यान आकर्षित करने के लिए लाल झंडा लहराएं। उसे महत्वपूर्ण स्थान या फिर संवेदनशील क्षेत्र से  सुरक्षित दूरी पर उतरने के संकेत दें। अगर वह निर्देशों का पालन नहीं करता है और भारतीय वायु सेना व वरिष्ठ अधिकारियों से निर्देश लेने का समय नहीं है तो सुरक्षाकर्मी उसे नष्ट करने के लिए गोली मार दें।
इस बार स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए लालकिले के आसपास स्थित इमारतों पर ड्रोन व हल्के वाहनों को मार गिराने में माहिर सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। साथ ही कहा गया है कि ड्रोन व हल्के विमान उड़ने पर कंट्रोल रूम व जिला डीसीपी के जरिए तुरंत भारतीय वायुसेना को सूचना दें। 
गृह मंत्रालय ने जम्मू में हाल ही में ड्रोन हमले और प्रतिबंधित क्षेत्रों में ड्रोन के प्रवेश के कई मामले आने के बाद सभी सुरक्षा एजेंसियों को स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले ऐसी उड़ने वाली वस्तुओं के बारे में अतिरिक्त सतर्क रहने का निर्देश दिया है।गृहमंत्रालय ने स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है और उसका कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने लाल किले के पास की इमारतों की पहचान की है, जहां लंबी दूरी के हथियारों से लैस पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा, ताकि वह ड्रोन जैसी वस्तु को मार गिरा सकें। 
एसओपी में ये भी कहा गया है कि उत्तरी जिले के डीसीपी, जिनके अधिकार क्षेत्र में लाल किला पड़ता है, ऐसी इमारत की छतों की पहचान कर सकते हैं, जहां से जिले का पूरा हवाई दृश्य देखा जा सकता है। इन छतों पर ड्रोन को गिराने में प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
इन सुरक्षा जवानों को वायरलेस सेट, दूरबीन, स्टिक पर लगे लाल झंडे और लाउड हैलर से लैस किया जाएगा। एसओपी में कहा गया है कि प्रत्येक पहचाने गए रूफ-टॉप वॉचर के साथ एक अच्छी तरह से प्रशिक्षित पुलिसकर्मी निशानेबाज होना चाहिए, जो लंबी दूरी के हथियार से लैस हो, जो जरूरत पड़ने पर  उड़ने वाली वस्तु को नीचे गिरा सके। 
खाली मैदानों में गश्त करने के निर्देश-
एसओपी में अन्य जिला डीसीपी को कहा गया है कि खासकर ग्रामीण इलाकों में कम इस्तेमाल होने वाली सड़कों और पुलों के लंबे हिस्सों, बड़े मैदानों में पैरा मोटर्स को उड़ाने के ऐसे किसी भी प्रयास पर नजर रखने के लिए विशेष गश्त के निर्देश दिए गए हैं। डीसीपी को कहा गया है कि वह खुफिया तंत्र को भी अलर्ट करें।
बीट कांस्टेबलों को ऐसी वस्तुओं के बारे में उपयुक्त रूप से जानकारी दी जानी चाहिए और जब वह इसे हवा में या महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों/संवेदनशील क्षेत्रों के पास देखते हैं तो इससे निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। एसओपी में ये भी कहा गया है कि सुरक्षा जवानों को छतों से नीचे गोली नहीं चलानी है। इससे लोगों के बड़े पैमाने पर घायल होने का डर रहेगा।