सीमापुरी में सिर कटी लाश की गुत्थी सुलझी, लेकिन नहीं मिला सिर



सुनील कुमार शर्मा,(दिल्ली ब्यूरो)। शाहदरा जिला के सीमापुरी में शहजाद को अगवा कर उसका सिर काट यूपी के बागपत जिले के जंगल में फेंकने के मामले में मुख्य आरोपी रियासत और जावेद को गिरफ्तार कर लिया है। रियासत का भांजा नदीम अभी भी फरार है। पूछताछ में रियासत ने खुलासा किया कि शहजाद ने उससे 25 हजार रुपये उधार लिए थे और रुपये मांगने पर गाली गलौज करता था। इसलिए बागपत के ठेकड़ा थाना इलाके में ले जाकर उसका मर्डर कर दिया और सिर को मुरादनगर के सुराणा नहर में फेंक दिया। फिलहाल पुलिस सिर की तलाश में जुटी है साथ ही नदीम की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। गौरतलब है कि शहजाद अपने परिवार के साथ सीमापुरी की सनलाइट कॉलोनी में रहता था। परिवार में पत्नी शबाना, चार बेटे और तीन बेटियां हैं। शहजाद मजदूरी करता था। पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि 11 जुलाई को सुबह शहजाद अपने घर के बाहर खड़े हुए थे तभी उनके पास कॉलोनी के रहने वाले 2 लोग आए और अपने साथ ले गए। शहजाद शाम तक जब घर नहीं पहुंचा तो उसे फोन किया गया, लेकिन फोन स्विच ऑफ था। देर रात गुमशुदगी की शिकायत कराने के लिए वह लोग सीमापुरी थाने गए। आरोप है कि पुलिस ने केस दर्ज करने से इनकार कर दिया। उन्होंने खुद शहजाद की तलाश शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। कॉलोनी की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई तो शहजाद दो उन्हीं लोगों के साथ जाता दिखा। बागपत में एक खेत से शुक्रवार सुबह यूपी पुलिस ने शहजाद का शव बरामद होने की सूचना परिजनों को दी। जब वो पहुंचे तो शहजाद का सिर कटा हुआ शव मिला। परिवार का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने शहजाद को ढूंढने की कोशिश की होती तो शायद वह जिंदा होता।