दिल्ली के शास्त्री पार्क मुठभेड़ में दोहरे हत्याकांड के पांच आरोपी गिरफ्तार


  •  बाड़ा हिन्दूराव इलाके में दोहरे हत्याकांड का मामला
  • सभी की टांग में लगी गोली, नजदीकी अस्पताल में कराया गया भर्ती, देर रात शास्त्री पार्क इलाके में हुइँ मुठभेड़
  • देर रात स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारी जांच में जुटे, आरोपियों ने पुलिस टीम पर चलाई थी गोलियां
दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रविवार देर रात मुठभेड़ के बाद बाड़ा हिन्दूराव इलाके में दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी दानिश व उसके चार अन्य साथियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने आरोपियों की घेराबंदी की तो बदमाशों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दानिश समेत पांच आरोपी गोली लगने से जख्मी हो गए। घायलों को नजदीकी जग प्रवेश चंद अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही सेल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। देर रात घटना स्थल पर छानबीन जारी थी। बदमाशों के पास से कई पिस्टल व कारतूस बरामद किए हैं। स्पेशल सेल ने उत्तरी जिला पुलिस को भी मामले की सूचना दे दी थी।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त पीएस कुशवाहा ने बताया कि देर रात करीब 11.40 बजे सूचना मिलने के बाद टीम ने शास्त्री पार्क इलाके में घेराबंदी कर दी। खबर मिली थी कि हत्याकांड का मुख्य आरोपी अपने साथियों के साथ यहां आने वाला है। पुलिस टीम ने आरोपियों की पहचान कर उनको सरेंडर करने के लिए कहा। लेकिन आरोपियों ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी बाड़ा हिन्दूराव निवासी मोहम्मद दानिश (37), इसके साथी शुएब सिद्दीकी (26), शराफत अली (35) सोनू उर्फ बनादिक (32) और सत्येंद्र कुमार (30) को टांग में गोली लगी। सभी को काबू कर इनको नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस घटना स्थल पर जांच कर रही थी। दानिश, फिरोज व फिरोज के ससुर मेहताब ने हत्याकांड की साजिश रची थी। पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल की टीम भी मौके पर मौजूद थी।
अनवर हठेला ने ली थी नईम व मुनीब की सुपारी
नईम और मुनीब से बदला लेने के लिए दानिश, फिरोज और उसके ससुर मेहताब ने दोनों को रास्ते से ही हटाने की योजना बना ली। तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली-अमरोहा के गैंगस्टर अनवर हठेला से फिरोज की नजदीकियां थी। फिरोज ने किसी तरह जेल में उससे संपर्क किया। इसके बाद अनवर हठेला ने नईम और अनवर की सुपारी उठा ली। उसने फिरोज से कहा कि वह उत्तर-पूर्वी दिल्ली में उसके गुर्गों रवि शर्मा और शुएब खान से संपर्क करे। 
अनवर ने दोनों का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध करवाया। रवि व शुएब ने काम हो जाने की गारंटी दी। रवि व शुएब ने ही उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बाकी लड़कों जुटाकर वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। लेकिन ऐन मौके पर नईम व मुनीब ने राहुल को घेर लिया। उसको घिरता देखकर राहुल के साथियों ने अंधाधुन गोलियां चलाई, जिसमें नईम और मुनीब तो बच गए, लेकिन दो राहगीर मारे गए। वारदात सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई थी।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिरोज जाफराबाद का रहने वाला है। उसकी पहचान अमरोहा के रहने वाले गैंगस्टर अनवर हठेला से थी। अनवर कांट्रेक्ट किलिंग करता था। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट, जबरन वसूली के दर्जनभर से अधिक मामले दर्ज हैं। अनवर ने सुपारी लेकर 23 अक्तूबर 2017 भजनपुरा इलाके में राजा नामक युवक की हत्या कर दी। इसके अलावा चंद दिनों बाद ही आरोपी ने जाफराबाद इलाके में वाजिद नामक युवक को पहले छत से नीचे फेंका। बाद में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। 
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अनवर कई जघन्य अपराधों में शामिल रहा। इसके अलावा यूपी में भी कई वारदात में अनवर शामिल रहा। उसकी गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख व यूपी पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। मार्च 2018 में दिल्ली पुलिस को अनवर के अमरोहा में होने की सूचना मिली। दिल्ली पुलिस व यूपी पुलिस की संयुक्त टीम ने अनवर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। तभी से वह तिहाड़ जेल में बंद है। जेल में बंद होने के बाद भी अनवर अपना गैंग ऑपरेट कर रहा था।