देश की सीमा से लेकर आम सड़कों तक सुरक्षित नहीं है पाकिस्तान! अफगान राजदूत की बेटी का अपहरण बना गले की हड्डी


इस्लामाबाद। पाकिस्तान में अफगान राजदूत नजीबुल्लाह अलीखाइल की बेटी का शुक्रवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने अपहरण कर लिया। पांच घंटे की मशक्कत के बाद उसे छोड़ दिया गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अफगानिस्तान विदेश मंत्रालय का कहना है कि 16 जुलाई, 2021 को इस्लामाबाद में अफगान राजदूत सिलसिला अलीखिल की बेटी को कई घंटों तक अगवा कर लिया गया था और घर के रास्ते में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उसे गंभीर रूप से प्रताड़ित किया गया था। अपहरणकर्ताओं की कैद से रिहा होने के बाद, वह एक अस्पताल में चिकित्सा देखभाल में है। अफगान सरकार ने पाकिस्तानी सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की है और उसे "जितनी जल्दी हो सके अपराधियों की पहचान करने और उन पर मुकदमा चलाने" के लिए कहा है। अफगान विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि अफगान सरकार इस जघन्य कृत्य की कड़ी निंदा करती है और राजनयिकों, उनके परिवारों और पाकिस्तान में अफगान राजनीतिक और कांसुलर मिशन के कर्मचारियों की सुरक्षा और सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त करती है। 
अफगानिस्तान के राजदूत राजनयिकों को वापस बुलाया
अफगानिस्तान के राजदूत नजीबुल्लाह अलीखिल की बेटी सिलसिला अलीखिल के अपहरण और यातना के जवाब में रविवार (18 जुलाई) को अफगानिस्तान ने इस्लामिक गणराज्य पाकिस्तान से अपने राजदूत और सभी राजनयिकों को वापस बुला लिया। सिलसिला अफगान राजदूत नजीबुल्लाह अलीखिल की 26 साल की बेटी है, जिसका पाकिस्तान में अपहरण कर लिया गया था और घंटों की यातना के बाद सड़क किनारे छोड़ दिया गया था। अफगान विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में, अफगान सरकार ने कहा है, "पाकिस्तान में अफगान राजदूत की बेटी के अपहरण के बाद, अफगानिस्तान इस्लामी गणराज्य के नेतृत्व ने अफगानिस्तान के राजदूत और वरिष्ठ राजनयिकों को पाकिस्तान से सभी सुरक्षा समय तक वापस बुलाया। अपहरण के अपराधियों की गिरफ्तारी और मुकदमे सहित खतरों को संबोधित किया जाता है।
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी के कथित अपहरण एवं उत्पीड़न के बाद इस्लामाबाद से अपने राजदूत और अन्य वरिष्ठ राजनयिकों को वापस बुलाने के अफगानिस्तान सरकार के फैसले को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण एवं खेदजनक’’ बताया है और उससे अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की है। 
पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद ने रविवार को कहा कि अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी के अपहरण से पहले जिन तीन टैक्सियों से उन्होंने सफर किया था, उनके चालकों से पूछताछ की गई है। साथ ही उन्होंने इस मामले को शीघ्र सुलझा लेने की उम्मीद जताई है। पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत नजीबुल्लाह अलीखिल की 26 वर्षीय बेटी का शुक्रवार को इस्लामाबाद में अज्ञात लोगों ने ‘अपहरण किया’’,‘‘ प्रताड़ित किया’’ और उसके साथ ‘‘मारपीट’’ की। सिलसिला अलीखिल को उस वक्त अगवा किया गया जब वह किराए के वाहन से कहीं जा रही थीं। रिहा करने से पहले उन्हें कई घंटे बंधक बनाए रखा गया। अलीखिल राजधानी के एफ-9 पार्क इलाके में पाई गई थीं और उनके शरीर पर चोट के निशान थे। गृह मंत्री शेख राशिद ने मीडिया को बताया,‘‘पुलिस अफगान राजदूत की बेटी के मामले की जांच कर रही है.....हमने उनके (अलीखिल) अनुरोध पर मामला दर्ज कर लिया है।’’ 
पाकिस्तान ने राजदूत की बेटी को अगवा मामले को शीघ्र सुलझा लेने का वादा किया
समाचारपत्र डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार जिन तीन टैक्सियों पर अलीखिल बैठी थीं, उनके चालकों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। राशिद ने कहा कि अपहरणकर्ताओं को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा और अधिकारी जांच की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं,साथ ही उन्होंने वादा किया कि पुलिस जांच पूरी होने पर सारी जानकारी साझा की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहला टैक्सी चालक उन्हें खाद्दर बाजार ले कर गया, दूसरा चालक उन्हें रावलपिंडी और तीसरा चालक उन्हें दमन-आई-कोह से ले कर आया। रावलपिंडी से दमन-आई-कोह तक की यात्रा के फुटेज मिल नहीं रहे हैं और मामले की जांच की जा रही है। 
पाकिस्तान में लोग सुरक्षित नहीं?
इस बीच, अलीखिल की ओर से पुलिस को दिए गए बयान में कहा गया कि वह एक उपहार खरीदने गई थीं और उन्होंने एक टैक्सी किराए पर ली। लौटते वक्त पांच मिनट की यात्रा के बाद टैक्सी चालक वाहन सड़क किनारे ले गया। वहीं एक और व्यक्ति आ गया और उस पर चिल्लाने लगा और उसके बाद उसने मारपीट शुरू कर दी। राजदूत की बेटी ने कहा,‘‘ मैं डर के मारे बेहोश हो गई।’’ अलीखिल ने कहा कि होश आने पर उन्होंने खुद को ‘‘गंदे स्थान’’ पर पाया। इसके बाद उन्होंने पास के एक पार्क में जाने के लिए टैक्सी की और वहां से अपने पिता के सहयोगी को फोन किया,जो उन्हें घर ले कर गए। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान में अफगान राजदूतों और उनके परिवारों की सुरक्षा के प्रति चिंता जताई है।