भैंसों को उठाने पर दिल्ली के नरेला में एमसीडी स्टाफ की लोगों ने की पिटाई


दिल्ली ब्यूरो। नरेला पॉकेट-11 के मस्जिद वाला रोड पर भैंसों को उठाने आए एमसीडी कर्मचारियों को महिलाओं और लोगों ने जमकर धुलाई की। यहां रहने वाले लोगों की शिकायत है कि नरेला जोन के अलग अलग इलाकों में एमसीडी के वेटनरी स्टाफ पिछले कुछ दिनों से उन लोगों को परेशान कर रहे हैं, जो कुर्बानी के लिए भैंसें खरीद कर पाल रहे हैं। लेकिन, नरेला में सोमवार को जितनी भैंसों को एमसीडी स्टाफ ने जब्त किया है, वह दूध देने वाली पालतू भैंसें थीं। उनका कुर्बानी से कोई लेना देना नहीं था।
पॉकेट-11 में रहने वाले हारून का कहना है कि उन्होंने दूध के लिए तीन भैंसें पाल रखी हैं। उन भैसों के साथ 6-7 कटरे भी हैं। उनके छोटे भाई रिजवान ने भी कुछ कटरे पाल रखे हैं। सोमवार दोपहर एमसीडी स्टाफ गाड़ी लेकर आया और उनकी भैंसें खोलने लगा। उस समय न तो वह घर पर थे और न ही उनका छोटा भाई। घर की महिलाओं ने जब उनसे बिना किसी से पूछे भैंसें खोलने के बारे में पूछा तो स्टाफ ने उनके साथ बदतमीजी की। इस पर महिलाओं ने भी गुस्से में उन्हें जवाब दिया। इस तरह से बात बढ़ती गई और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। मामला बढ़ने के बाद स्थिति को देखते हुए मौके पर स्थानीय पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अर्द्धसैनिक बलों के कुछ जवानों को मौके पर तैनात कर दिया था। मस्जिद रोड पर उस जगह पर पूरी रात पुलिस गश्त करती रही।
यहां रहने वाले लोगों की शिकायत है कि एमसीडी का वेटनरी स्टाफ पिछले कई दिनों से मवेशी रखने वाले लोगों को परेशान कर रहा है। बवाना में तो कुर्बानी के लिए रखी 10-12 भैंसों को वेटनरी स्टाफ ने जब्त कर तिमारपुर स्थित जोहड़ में भेज दिया था। पॉकेट-11 में तो पालतू भैंसें थीं। इसे भी उन्होंने नहीं छोड़ा और उठाकर तिमारपुर भेज दिया। यह सिर्फ नरेला जोन में हो रहा है। बाकी किसी जोन में वेटनरी स्टाफ रिहायशी इलाकों में पालतू पशुओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।