ऑनलाइन वसूली के लिए साइबर अपराधी भेज रहे फर्जी नोटिस


दिल्ली ब्यूरो। साइबर अपराधियों की ऑनलाइन वसूली के नए तरीकों ने पुलिस के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। कुछ लोगों के पास दिल्ली पुलिस का लोगो लगा हुआ फेक नोटिस पहुंचने लगा है। इसमें पोर्नोग्राफी और दूसरे आपत्तिजनक कंटेट देखने के आरोप में कंप्यूटर लॉक होने का मेसेज रहता है। नोटिस को कुछ इस अंदाज से साइबर अपराधियों ने तैयार किया है कि देखने पर पुलिस का ही लगता है। इस नोटिस की उस समय कंप्यूटर, लैपटॉप पर एंट्री होती है, जब लोग इंटरनेट सर्फिंग कर रहे होते हैं। इसके जरिए वसूली की जाती है।
अचानक दिल्ली पुलिस या दूसरे स्टेट की पुलिस के नाम से नोटिस कंप्यूटर, लैपटॉप पर नजर आता है। इसमें लिखा होता है कि कंप्यूटर की विंडो, सभी फाइलें लॉक कर दी गई हैं। आपके नाम और पते की पहचान कर ली गई है। इसके बाद ऑनलाइन वसूली की जाती है। साथ में यह चेतावनी भी रहती है कि अगर 6 घंटे की समय सीमा के अंदर जुर्माना नहीं भरा तो पुलिस घर पहुंचकर गिरफ्तार करेगी। आपराधिक मुकदमा भी चलेगा।
दिल्ली पुलिस की तरफ से ऐसा कोई नोटिस किसी को भी नहीं भेजा गया है। यह लीगल नोटिस फेक है। ऐसे मामले संज्ञान में आते ही साइबर सेल तफ्तीश में जुटी है। जल्द ही उन आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई होगी। फेक नोटिस से डरें नहीं, न ही ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करें। मुमकिन हो तो अपने कंप्यूटर, लैपटॉप को एंटीवायरस से क्लीन करें।-अन्येष रॉय, डीसीपी, साइबर सेल
फेक नोटिस पर पुलिस के लोगो के साथ लिखा रहता है कि आप भारत के कानून द्वारा प्रतिबंधित पोर्नोग्राफी साइटों पर बार-बार आने के लिए ब्लॉक किए गए हैं। आपको 3000 रुपये जुर्माना भरना होगा। आप किसी भी सुविधाजनक तरीके से जुर्माना चुका सकते हैं। इसके बाद नीचे स्कैन कोड के साथ ऑनलाइन पेमेंट के लिए ऑप्शन दिए गए होते हैं।