पुरानी सीमापुरी के लापता शख्स की यूपी में सिर कटी मिली लाश मिली


  • दिल्ली के लापता शख्स की सिर कटी लाश यूपी में मिली
  • बूढ़ी मां और मासूम बेटियां पूछ रहीं-कब मिलेगा इंसाफ?
  • परिजनों का आरोप- पुलिस की आनाकानी में उलझी जांच
सुनील कुमार शर्मा,(दिल्ली ब्यूरो)। पुरानी सीमापुरी श्मशान घाट के बगल में एक सिर कटी लाश को ताबूत में रखकर परिजनों ने धरना दिया। इस धरने में महिलाएं भी काफी तादाद में थीं। जान गंवाने वाले शख्स की बुजुर्ग मां, पत्नी और मासूम बेटियां एक ही सवाल पूछ रही हैं कि कब मिलेगा इंसाफ। कब पकड़े जाएंगे हत्यारे, कब मिलेगा सिर। क्या उनके बेटे, शौहर या अब्बू को बगैर सिर के सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मृतक शहजाद (50) के छोटे भाई इमरान का दावा है कि जब तक हत्यारे पकड़े नहीं जाते और बड़े भाई का सिर पुलिस बरामद नहीं कर लेती, तब तक धरना चलता रहेगा।
यूपी के एक गांव से बरामद हुई सिर कटी लाश
शहजाद परिवार समेत पुरानी सीमापुरी स्थित सनलाइट कॉलोनी में रहते थे। वह सैटरिंग का काम करते थे। उनके छोटे भाई इमरान ने बताया कि शमशाद 12 जुलाई से लापता थे। सीमापुरी थाने में गुमशुदगी लिखाई गई थी। यूपी पुलिस ने शुक्रवार सुबह बागपत जिले के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे से लगे चांदीपुर स्थित मुबारिकपुर गांव में बॉडी मिलने की खबर दी। वहां जाकर पाया कि सिर गायब था। दस्तावेजों और कपड़ों के जरिए शव की शिनाख्त की गई। पुलिस ने काफी खोजबीन की, लेकिन अभी तक सिर बरामद नहीं हो सका है।
इमरान ने बताया कि कॉलोनी में रंजिश चल रही है और उन्हीं लोगों ने हत्याकांड को अंजाम दिया है। सीमापुरी पुलिस को 12 जुलाई को ही इस बारे में बताया गया था। आरोपियों के नाम भी बता दिए थे। उन लोगों ने पहले से धमकी दे रखी थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसी लापरवाही की वजह से उनके भाई की हत्या हुई है। उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस कह रही है कि हत्या दूसरी जगह करने के बाद बॉडी वहां फेंकी गई है, इसलिए जांच दिल्ली पुलिस करेगी। सीमापुरी पुलिस का दावा है कि बागपत में लाश मिली है तो जांच भी वहीं की पुलिस करेगी। हमें इंसाफ कौन देगा, यह समझ नहीं आ रहा है।
सड़क से हटे, लेकिन धरना जारीपरिजन और रिश्तेदार पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार शाम 6 बजे सीमापुरी श्मशान घाट के सामने की सड़क पर शव रखकर धरने पर बैठ गए। इस वजह से दोनों तरफ का ट्रैफिक एक ही रोड पर शिफ्ट करना पड़ा। सीमापुरी से लेकर बॉर्डर तक जाम लग गया। पुलिस के आला अफसर मौके पर पहुंचे और उन्होंने काफी समझाने की कोशिश की। शनिवार तड़के 3 बजे परिजन सड़के से हटे, लेकिन वह बस स्टैंड के पीछे सर्विस लेन पर अब भी काफी तादाद में बैठे हुए हैं।