ऐक्शन में दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर, सरप्राइज नाइट चेकिंग में जाना थानों का हाल


  • शनिवार रात पुलिस चीफ बालाजी श्रीवास्तव ने दिल्ली के कई इलाकों का जायजा लिया
  • उन्होंने पुलिसकर्मियों से शिकायतकर्ताओं के साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाने को कहा
  • उन्होंने कहा, लोगों से ऐसा व्यवहार करें कि पुलिस के बारे में कोई भी गलत धारणा न बनें
दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली के नव-नियुक्त पुलिस कमिश्नर बालाजी श्रीवास्तव शनिवार रात सरप्राइज विजिट पर निकल पड़े। इस दौरान उन्होंने पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मियों और पट्रोलिंग कर रहे पीसीआर और लोकल पुलिस के स्टाफ से भी बातचीत की। वह कुछ थानों में भी गए और वहां रात को ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और थाने पहुंचे कुछ शिकायतकर्ताओं से भी मिले। कमिश्नर लाल किला भी गए और आने वाले गणतंत्र दिवस के मद्देनजर वहां किए जाने वाले सुरक्षा इंतजामों को लेकर पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। बाद में वह गाजीपुर बॉर्डर पर भी गए, जहां किसानों का धरना जारी है। कमिश्नर ने धरनास्थल पर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
कमिश्नर की सरप्राइज विजिट के बारे में केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही जानकारी थी। इसी वजह से जहां-जहां वह पहुंचे, वहां जिले या रेंज के सीनियर अधिकारी नजर नहीं आए। केवल नाइट ड्यूटी में तैनात कुछ डीसीपी और एसीपी ही उनके साथ नजर आए। कमिश्नर की नव-नियुक्त स्टाफ ऑफिसर डीसीपी वर्षा शर्मा भी इस विजिट के दौरान उनके साथ सब जगह मौजूद रहीं। कमिश्नर ने पिकेट पर तैनात स्टाफ से बातचीत करके उनसे पूछा कि वे घर से ड्यूटी पर कैसे आते-जाते हैं, उन्हें कितनी देर ड्यूटी करनी पड़ती है और इस दौरान उनके खाने-पीने की क्या व्यवस्था रहती है। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसके बारे में भी कमिश्नर ने निचली रैंक के पुलिसकर्मियों से खुलकर बातचीत की। अपनी इस पहली सरप्राइज विजिट के दौरान कमिश्नर दरियागंज, साउथ कैंपस और आर.के. पुरम थाने में भी गए, जहां उन्होंने फ्रंट डेस्क पर तैनात पुलिसकर्मियों और शिकायत लेकर आए कुछ शिकायतकर्ताओं से बातचीत की।
उन्होंने हाल ही में शुरू की गई एकीकृत शिकायत निगरानी प्रणाली (आईसीएमएस) और ई-बीट बुक सिस्टम के बारे में भी जानकारी ली और पुलिस थाने में जाए बिना ई-एफआईआर या कंपलेंट दर्ज करने के लिए दिल्ली पुलिस की वेबसाइट के उपयोग के बारे में लोगों को अधिक से अधिक जानकारी देने के लिए भी कहा। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे शिकायतकर्ताओं के साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाएं और इस तरह से व्यहार करें, जिससे पुलिस के बारे में लोगों की गलत धारणा न बनें।
कमिश्नर ने यू-ट्यूब ट्यूटोरियल के माध्यम पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण पर जोर देने और दिल्ली पुलिस की ई-फाइलिंग सुविधाओं को जनता के बीच अधिक लोकप्रिय बनाने को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। कमिश्नर ने हालात की समीक्षा करके यह भी जानने का प्रयास किया कि आखिर सुरक्षा इंतजामों की किन कमियों के चलते 26 जनवरी को किसानों के जत्थे बॉर्डर से ट्रैक्टरो में सवार होकर लाल किले तक पहुंचने में कामयाब रहे। इस दौरान उन्होंने मंडाली थाने में तैनात इंस्पैक्टर पुष्प लता से भी मुलाकात की और रैली के दौरान अक्षरधाम के पास भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान उनके द्वारा दिखाई गई बहादुरी की प्रशंसा की।