इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में तैनात है आतंकी मिनहाज की पत्नी, केवल रात में निकलती थी उसकी कार, हर छह महीने में बदलते थे टायर


नोएडा ब्यूरो। यूपी में एटीएस ने आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े दो खतरनाक आतंकियों को गिरफ्तार कर लखनऊ समेत कई शहरों को दहलाने की साजिश नाकाम कर दी। इनके पास से दो प्रेशर कुकर बम और एक पिस्टल बरामद किया गया है। दोनों ने 15 अगस्त को कई शहरों में मानव बम के जरिये धमाके की साजिश रची थी। इनमें से एक मिनहाज के घर से विस्फोट के लिए तैयार किया जा रहा प्रेशर कुकर और एक पिस्टल बरामद किया गया है। इसके साथ ही मिनहाज की पत्नी और उसकी कार के बारे में भी कई तरह की संदिग्ध बातें सामने आई हैं।
बताया जा रहा है कि मिनहाज की पत्नी इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में तैनात है। मिनहाज के घर से बरामद एक गाड़ी में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का वाहन पास भी लगा है। एटीएस ने रविवार देर शाम को मिनहाज के पिता सिराज, उसकी मां और पत्नी को हिरासत में लिया था। मिनहाज के घर के पास पंक्चर बनाने वाले दानिश ने बताया कि वह काफी वक्त से इलाके में दुकान लगा रहा है। उसने बताया कि मिनहाज के घर से बरामद एसयूवी को किसी ने गैराज से बाहर निकलते नहीं देखा। मिनहाज का पड़ोसी शाहिद रात को कभी-कभार एसयूवी निकालता था। दानिश के मुताबिक, शाहिद अक्सर पुराने टायर की मांग करता था। कई बार गाड़ी गैराज में नहीं होने पर उसने पूछा तो शाहिद टाल देता था।
 दानिश के मुताबिक, शाहिद और मिनहाज गैराज में खड़ी गाड़ी का टायर छह महीने में बदल लेते थे। इस पर उसे संदेह होता था। दानिश के मुताबिक, शाहिद ने मड़ियांव इलाके से पुराने तीन टायर खरीदे थे। एक टायर कम होने के कारण उससे संपर्क किया। उससे एक टायर लिया। लेकिन वह उसकी एसयूवी में नहीं लग सका। इसके बाद लौटाने आए तो दानिश ने मना कर दिया, कहा कि गैराज में ही रहने दीजिये जब जरूरत होगी तो मांग लिया जाएगा। एटीएस के सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों के घर पर अफगानिस्तान व पाकिस्तान सहित ईरान के लोगों का आनाजाना था। इसमें कई संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं। यही विदेशी संदिग्ध लोगों के जरिए ही आतंक का कारोबार उत्तर प्रदेश में फैलाना चाहते थे। इसके लिए भारी मात्रा में विस्फोटक भी उपलब्ध कराया गया था। 
कुछ दिन पहले तीन-चार संदिग्ध पाकिस्तानी काकोरी आए थे। उन्होंने पूरी साजिश रची थी। इसके बाद उसी एसयूवी से कश्मीर गए थे जो शाहिद के गैराज से एटीएस ने बरामद की है। इसके बाद से जम्मू कश्मीर व केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी एसयूवी के नंबर को एटीएस से साझा किया था। इसके बाद ही दोनों आतंकियों को पकड़ लिया गया।