अफगानिस्तान में मारे गए पत्रकार दानिश सिद्दीकी को जामिया में किया गया सुपुर्ज-ए-खाक


नई दिल्ली। अफगानिस्तान में मारे गए फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी का पार्थिव शरीर रविवार शाम दिल्ली लाया गया। एयर इंडिया का विमान दानिश सिद्दीकी का शव लेकर दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरा। उसके बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कब्रिस्तान में दानिश को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। दानिश सिद्दीकी ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ही अपनी पढ़ाई की थी। उन्हें 2018 में समाचार एजेंसी रॉयटर्स के लिए काम करने के दौरान पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। शुक्रवार को अफगानिस्तान में अफगान बलों और तालिबान की लड़ाई की कवरेज करने के दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी।
शाम से ही दानिश के घर के बाहर लोग जुटने लगे थे। रात को जैसे ही पार्थिव शरीर एयरपोर्ट से जामिया के गफ्फार मंजिल स्थित घर पहुंचा। लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। दोस्त, पड़ोसी और पत्रकार... दानिश के घर के बाहर उनके पार्थिव शरीर का इंतजार करते हुए हर आंख नम थी। पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शनों के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की तमाम शख्सियतें पहुंचीं। इस दौरान राज्यसभा सांसद रामदास अठावले भी पहुंचे। दानिश की अंतिम यात्रा के मद्देनजर पुलिस के भी इंतजाम थे।
घर में सबसे बड़े थे दानिश
दानिश का परिवार जामिया के गफ्फार मंजिल इलाके में रहता है। परिवार में पिता अख्तर सिद्दीकी जो कि जामिया यूनिविर्सिटी से रिटायर्ड प्रोफेसर हैं। मां, एक छोटी बहन और एक छोटा भाई है। दानिश घर में सबसे बड़े थे। दानिश ने जर्मन नैशनल महिला से शादी की थी। उनके दो बच्चे भी हैं। हादसे के समय वाइफ और बच्चे जर्मनी में थे। रविवार सुबह दिल्ली पहुंचे थे। इससे पहले एयर इंडिया का विमान दानिश सिद्दीकी का पार्थिव शरीर लेकर दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचा।
सड़क के दोनों तरफ गमगीन लोगों का हुजूम
जहां उनके परिजन, रिश्तेदार, दोस्त मौजूद थे। दानिश का शव एयरपोर्ट पर पिता ने रिसीव किया साथ ही मौजूद माइनॉरिटी कमिशन के वाइस चेयरमैन आतिफ रशीद ने बताया कि, एयरपोर्ट पर कुछ ही समय में कागजी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया। पार्थिव शरीर आने से पहले ही सरकार ने जरूरी इंतजाम किए हुए थे। जिसकी वजह से क्लीयरेंस या अन्य किसी चीज में कोई दिक्कत नहीं आई। दानिश का पासपोर्ट जरूर मिसिंग था। जिसकी दूसरी कॉपी फौरन ही तैयार कर ली गई थी। दानिश का शव लेकर एम्बुलेंस जब जामिया नगर पहुंची, सड़क के दोनों तरफ गमगीन लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित थे दानिश
दानिश की डेथ सर्टिफिकेट के मुताबिक उनकी मौत कई गोलियां लगने से हुई है। सिद्दीकी को वर्ष 2018 में समाचार एजेंसी रॉयटर्स के लिए काम करने के दौरान पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। शुक्रवार को पाकिस्तान की सीमा से लगते अफगानिस्तान के कस्बे स्पीन बोल्दक में उनकी तालिबानी हमले में मौत हो गई थी। हत्या के समय वह अफगान विशेष बल के साथ थे।