फतेहपुर में सिरफिरे पति ने पत्नी और बेटी को पेट्रोल डाल कर जिंदा जलाया


फतेहपुर ब्यूरो। जिले में एक सिरफिरे पति की हैरान करने वाली करतूत सामने आई है। पति ने छत पर सो रही पत्नी और बेटी पर पेट्रोल डालकर जिंदा आग के हवाले कर दिया। मां-बेटी आग का गोला बनकर इधर-उधर भागने लगी। किसी तरह से स्थानीय लोगों की मदद से परिवार के सदस्यों ने आग पर काबू पाया। पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बेटी को कानपुर के हैलट अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। ललौली थाना क्षेत्र स्थित कस्बे में रहने वाली सुशीला सक्सेना (65) बेटे और बेटियों के साथ रहती थीं। रविवार आधी रात को सुशीला का पति फूलचंद्र सक्सेना घर में चोरी से घुस आया। छत पर सो रही मां सुशीला और बेटी गुड्डन (25) पर पेट्रोल डाल कर जिंदा जलाया दिया। आग लगाने के बाद पति मौके से फरार हो गया। आग की लपटों के बीच घिरी मां-बेटी जान बचाने के लिए भागने लगीं। महिला के बेटे विनोद ने पड़ोसियों की मदद से पानी डाल कर आग बुझाई।
सुशीला सक्सेना ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, गुड्डन को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सुशीला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। मृतका के बेटे विनोद ने पिता पर आरोप लगाया है।
8 साल पहले पति को घर से निकाल दिया था
मृतका के बेटे विनोद ने बताया कि पिता फूलचंद्र की हरकतें ठीक नहीं थी। जिसकी वजह से बाबा बदलू प्रसाद ने 25 साल पहले मां के नाम घर का बैनामा कर दिया था। इस बात से पिता खुन्नस रखता था। आठ साल पहले सुशीला और फूलचंद्र के बीच झगड़ा हो गया था। इस पर मां ने पिता को घर से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद से पिता पल्टू पुरवा में रहकर कपड़ों की फेरी लगाता था। परिवार से किसी तरह का कोई मतलब नहीं रखता था।
ललौली एसएचओ योगेंद्र पटेल के मुताबिक, आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मृतका के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। वहीं, गंभीर रूप से झुलसी युवती को उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। परिवार की तरफ से तहरीर नहीं मिली है।