कर्ज उतारने के लिए क्रिकेटर बना लुटेरा, पहली लूट में पुलिस ने दबोचा


  • कानपुर में एक होनहार और काबिल क्रिकेटर कर्ज उतारने के लिए लुटेरा बन गया
  • उधारी चुकाने के लिए क्रिकेटर ने साथी के साथ मिलकर पर्स लूट की वारदात को अंजाम दिया था
  • पुलिस ने दोनों को अरेस्ट किया है, युवक ने पुलिस को रोकर अपनी पूरी दास्तां सुनाई
कानपुर ब्यूरो। कानपुर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक होनहार और काबिल क्रिकेटर कर्ज उतारने के लिए लुटेरा बन गया। उधारी चुकाने के लिए क्रिकेटर ने अपने नाबालिग साथी के साथ मिलकर पर्स लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने युवक और उसके नाबालिग साथी को अरेस्ट किया है। युवक ने पुलिस को रोकर अपनी पूरी दास्तां सुनाई, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान गई।
गोविंद नगर में रहने वाली सरला देवी बेटी रश्मी यादव के साथ बीते 7 जुलाई को हैलट अस्पताल से दवा लेकर लौट रही थीं। मां-बेटी मोतीझील स्थित स्मार्ट सिटी ऑफिस के पास पहुंची, उसी दौरान बाइक सवार युवक रश्मी यादव का पर्स लेकर भाग गए। पर्स में मेडिकल रिपोर्ट, मोबाइल फोन, सरला देवी का आधार कार्ड और 4500 रुपए कैश था। रश्मी ने लूट की सूचना स्वरूप नगर पुलिस को दी थी।
स्वरूप नगर पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज चेक किए। बाइक सवार लुटेरे कैमरे में कैद हो गए थे। रविवार शाम पुलिस चेकिंग कर रही थी। पुलिस को देखकर बाइक सवार युवक भागने लगे, पुलिस कर्मियों ने उन्हें दौड़ा कर पकड़ लिया। पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो एक युवक ने अपना नाम रवि कुमार बताया और दूसरा 16 वर्षीय नाबालिग था। दोनों ने ही लूट की घटना कुबूल कर ली। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा है।
कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र स्थित हदयपुर पामा गांव में रहने वाला रवि कुमार (21) की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। रवि अपने गांव की टीम से जगह-जगह क्रिकेट खेलने के लिए जाता था। रवि बेहतरीन ऑलराउंडर है और बैटिंग के साथ ही फास्ट बॉलिंग करता था। क्रिकेटर ने खुद की किट और आने-जाने के लिए उधार रुपए लिए थे। कर्ज मांगने के लिए लोग उसके घर आते थे, और उधारी चुकाने का दबाव बनाते थे। इस बात को लेकर रवि परेशान रहता था। कर्ज उतारने के लिए उसने लूट करने का फैसला किया। उसने रोकर पुलिस को पूरी दास्तान सुनाई।