दिल्ली के दिलशाद गार्डन में छह साल से घर में था बंद, लड़कियों को ब्लैकमेल कर मंगाता था आपत्तिजनक तस्वीरें


सुनील कुमार शर्मा,(दिल्ली ब्यूरो)। दिलशाद गार्डन के जतिन भारद्वाज ने खुद को करीब छह साल से अपने घर में कैद कर रखा था। साल में एक बार वह अपने जन्मदिन पर ही नहाता था। अपने पिता से उसकी छह साल से बात नहीं हुई है। मां से उसका सिर्फ खाने पीने तक का ही ताल्लुक था। इस सब के बीच उसने युवतियों को ब्लैकमेल करने का अजीबोगरीब तरीका निकाल लिया।
हैरानी की बात यह कि ब्लैकमेलिंग के इस धंधे में पैसा ऐंठना उसका मकसद नहीं था। इसकी जगह उसको लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरे मंगाकर अपने मोबाइल में रखने की लत सी थी। इसके लिए उसने अवसाद, तनाव और गरीबी से जूझने वालों के लिए बने ऐप टॉक लाइफ का सहारा लिया। 
ऐप के माध्यम से वह दक्षिण एशिया की पीड़ित युवतियों से पहले संपर्क साधता था। बातचीत आगे बढने पर वह लड़कियों को हर महीने 200-300 डॉलर की मदद का भरोसा देता था। इसकी एवज में वह उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो मांगता था। फोटो और वीडियो के बदले जब लड़कियां पैसा मांगती थी तो सोशल मीडिया पर अपलोड की धमकी देकर उनकी जुबान बंद करा देता था।
इंडोनेशिया की एक लड़की की शिकायत पर जीटीबी एनक्लेव थाना पुलिस ने आरोपी जतिन भारद्वाज (21) को दिलशाद गार्डन से पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अब तक 15 लड़कियों से इस एप के जरिए बात कर चुका है और तीन से फोटो और वीडियो मंगवा चुका है। 
जिला पुलिस उपायुक्त आर सत्यसुंदरम ने बताया कि इंडोनेशिया की एक पीड़ित लड़की की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर को खंगाला। फोन बंद था। कॉल डिटेल निकालने के बाद पुलिस ने मोबाइल के मालिक का पता लगाया और जतिन तक पहुंच गई।
पुलिस के मुताबिक जतिन दसवीं कक्षा तक पढ़ा है। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल बरामद किया है जिसमें लड़कियों की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मौजूद है। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी है।