मर चुके डॉक्टर के नाम पर चल रहा था डायग्नोस्टिक सेंटर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मारा छापा, दो सेंटर सील


गोरखपुर। जिले में बिना डॉक्टर के दो डायग्नोस्टिक सेंटर धड़ल्ले से चल रहे थे। शनिवार को अचानक जब स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहुंची तो मौजूद वर्कस इधर-उधर भागने लगे। जब टीम ने सेंटर के डॉक्यूमेंट्स की जांच की तो पता चला कि जिस डॉक्टर के नाम पर दोनों सेंटर चल रहे थे, उनकी काफी दिनों पहले ही मौत हो चुकी थी। टीम ने तत्काल पीसीपीएनडीटी ऐक्ट में कार्रवाई करते हुए दोनों सेंटर को सील कर दिया।
बिना डॉक्टर के चल रहा था सेंटर
गोरखपुर शहर में डॉ. हरिद्वार गोड़ के नाम से दो जगह मोहद्दीपुर में जनता डायग्नोस्टिक सेंटर और पादरी बाजार में साई डायग्नोस्टिक सेंटर चल रहे थे, जबकि डॉ. हरिद्वार की पहले ही मौत हो चुकी थी। डॉक्टर के मौत की सूचना सीएमओ दफ्तर में बिना दिए ही दोनों सेंटर को कुछ लोग चला रहे थे। वहीं इन दोनों सेंटरों पर डेली मरीजों की भीड़ लगी रहती थी। बिना डॉक्टर के ही भगवान भरोसे मरीजों का अल्ट्रासाउंड और बाकी जांच हो रही थी। स्वास्थ्य विभाग को जब इसकी भनक लगी तो उनके कान खड़े हो गए। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम सेंटर पहुंची और वहां पर मौजूद अल्ट्रासाउंड मशीनें सील कर दीं।
एसीएमओ डॉ. एनके पाण्डेय ने बताया कि गोरखपुर में डोंगरा नर्सिंग होम है जो डॉक्टर के अभाव में बंद कर दिया गया। गोरखपुर में कुल 275 डायग्नोस्टिक सेंटर होंगे अब सभी सेंटर की रेग्युलर जांच चलेगी। शनिवार को दोनों सेंटर ने जो गलती की है वो अपराध के श्रेणी में आता है। दोनों सेंटरों के खिलाफ आगे की कार्रवाई जिला सलाहाकार समिति की अगली मीटिंग में तय की जाएगी।