दिल्ली-एनसीआर में बसाए जा रहे रोहिंग्या, गाजियाबाद में मिले पीएम आवास !


गाजियाबाद/लखनऊ। यूपी एटीएस ने शादी और नौकरी का झांसा देकर रोहिंग्या महिलाओं और बच्चों की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। मंगलवार को गाजियाबाद में गिरोह के सरगना सहित तीन लोग पकड़े गए। इनमें एक बांग्लादेश और दो म्यांमार के रहने वाले हैं। इनके चंगुल से दो रोहिंग्या लड़कियों सहित तीन लोगों को मुक्त करवाया गया। एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि दोनों लड़कियां नाबालिग हैं। इन्हें लखनऊ के आशा ज्योति केंद्र भेजा गया है। एडीजी ने बताया कि सूचनाएं मिल रही थीं कि एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों को अवैध रूप से भारत लाकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में बसा रहा है।
लड़कियों को शादी का झांसा देकर लाया जाता था
गिरोह का सरगना मोहम्मद नूर उर्फ नूरुल इस्ताम है। वह अपने साथियों की मदद से रोहिंग्या और बांग्लादेश की महिलाओं/लड़कियों को शादी का झांसा देकर भारत लाता है और बेच देता है। गिरोह वहां के बच्चों और पुरुषों को भी फैक्ट्रियों में काम दिलाने के बहाने भारत लाता है।
बांग्लादेशियों को दिल्ली ले जा रहा था नूर
एडीजी ने बताया कि एटीएस को जानकारी मिली कि नूर कुछ बांग्लादेशी लोगों को ब्रह्मपुत्र मेल से दिल्ली ले जा रहा है। इस पर एटीएस ने गाजियाबाद में ब्रह्मपुत्र मेल से दो लड़कियों सहित पांच लोगों को उतार कर पूछताछ की। पता चला कि गिरोह का एक सदस्य दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उनका इंतजार कर रहा है।
36 घंटे चला ऑपरेशन
आरोपितों के पास से मोबाइल फोन, भारतीय आधार कार्ड, पैन कार्ड, बांग्लादेश का नागरिकता पहचान पत्र, एटीएम कार्ड, पांच बांग्लादेशी टका और 24,480 रुपये मिले। एडीजी ने बताया कि गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए एटीएस के 30 अफसरों ने 36 घंटे काम किया।
त्रिपुरा से करते थे सीमा पार
जानकारी मिली है कि खुली सीमा होने की वजह से ये लोग त्रिपुरा से बांग्लादेश और म्यांमार के लोगों को सीमा पार कराते थे। इनके निशाने पर त्रिपुरा, मेघालय, असम, मणिपुर और उत्तर भारत की गरीब महिलाएं भी थीं।
गाजियाबाद विधायक ने लगाए आरोप
वहीं दूसरी तरफ लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों का मामला उठाया है। विधायक ने दावा किया है कि पीएम आवास योजना का इन्हें लाभ दिया गया। डूडा के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से विदेशियों ने सुविधाओं का लाभ लिया। डीएम मंगलवार को एक ज्ञापन देकर पीएम आवास योजना के स्वीकृत मामलों की जांच कराने की मांग की है।
विधायक का कहना है कि लोनी में लगातार बांग्लादेशी और रोहिंग्या आतंकी अपना अपना ठिकाना बना रहे हैं। कुछ कर्मचारियों से मिलीभगत कर पैन, आधार और दूसरे दस्तावेज भी बनवा ले रहे हैं। इसके बाद खुद को यहां का मूल निवासी बताने लगते हैं।
'रोहिंग्या पा रहे संविदा पर नौकरी भी'
संविदा पर रखे गए कर्मचारी भी बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिला रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों के आवेदन में खामी निकालकर निरस्त कर दे रहे हैं। विधायक ने कहा कि विधानसभा में भी रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ का मसला उठा चुका हूं। डीएम से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।