गाजियाबाद में गाय बेचकर पुलिस को दिए रुपये, फिर लापता बेटियों की तलाश में निकले जांच अधिकारी


  • उत्तराखंड तक जाने के लिए जांच अधिकारी ने बड़ी कार, होटल और अन्य खर्चे की रखी डिमांड
  • पीड़ित ने 43 हजार रुपये में 2 गायों को बेचकर पुलिसवालों पर खर्च किए 15 हजार रुपये
  • लोनी के परिवार की 2 बेटियां 30 जून से लापता हैं, ट्विटर पर मामला उठा तो अधिकारी जागे

गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद में अगर आपके परिवार का कोई सदस्य लापता हो गया है और आप उसे तलाशना चाहते हैं तो पुलिस के पास जाने से पहले जेब में रुपये रख लीजिए। अगर रुपये नहीं हैं, तो कुछ सामान बेच कर पहले ही व्यवस्था कर लें। ऐसा ही एक मामला लोनी थाना क्षेत्र में सामने आया है। एक पिता को अपनी 2 बेटियों की तलाश में पुलिस की मदद लेने के लिए 2 गायों को बेचना पड़ा। 30 जून से दोनों बेटियां लापता हैं। पुलिस अब तक उनका कुछ पता नहीं लगा सकी है। इस मामले में दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा के ट्वीट के बाद पुलिस ऐक्टिव हुई। डीआईजी अमित पाठक ने बताया कि अगर किसी पुलिसकर्मी ऐसा किया है तो जांच की जाएगी। बच्चियों की तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, लोनी थाना क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति पेशे से ड्राइवर हैं। उन्होंने बताया कि उनकी दो बेटियां 30 जून को संदिग्ध हालात में लापता हो गईं थीं। इस मामले में लोनी थाने में शिकायत के बाद जांच अधिकारी लव कुमार ने उत्तराखंड चलने की तैयारी करने को कहा। तैयारी के बारे में पूछने पर बताया कि बड़ी गाड़ी, होटल और खाने का खर्च उठाना होगा। रुपये नहीं होने पर उन्होंने अपनी 2 गाय 15 हजार और 28 हजार रुपये में बेच दी। इसके बाद वह पुलिस को साथ लेकर उत्तराखंड गए। वहां करीब 15 हजार रुपये का खर्च आया, लेकिन उनकी बेटियां नहीं मिलीं। पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर पीड़ित कई लोगों के पास मदद के लिए पहुंचे। ट्विटर पर मामला पहुंचा तो लोग भी उनकी मदद की गुहार लगाने लगे। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। उन्होंने बच्चियों की तलाश की बात कही। अब लोनी थाना पुलिस के व्यवहार की भी जांच हो रही है।