मथुरा में 2 महीने से लापता हैं दो भाई, पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल


  • उत्तर प्रदेश के मथुरा के थाना रिफाइनरी क्षेत्र में घर से लापता हुए दो सगे भाइयों का आज तक पुलिस पता नहीं लगा पाई है
  • पीड़ित परिवार दोनों बेटों के वापस आने की उम्मीद लगाए बैठा है
  • वहीं पीड़ित परिवार पुलिस के चक्कर लगा लगाकर थक गया है, लेकिन पुलिस का कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है
  • परिवार के सदस्यों ने दोनों बेटों को ढूंढने के लिए पूरा जोर लगा दिया, लेकिन दोनों बेटों का पता नहीं चल पाया
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा के थाना रिफाइनरी क्षेत्र में घर से लापता हुए दो सगे भाइयों का आज तक पुलिस पता नहीं लगा पाई है। पीड़ित परिवार और इनकी मां इन दोनों बेटों के वापस आने की उम्मीद अब भी लगाए हुए हैं। वहीं पीड़ित परिवार पुलिस के चक्कर लगा लगाकर थक गया है, लेकिन पुलिस का कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान
जिले के थाना रिफाइनरी क्षेत्र के अंतर्गत गांव बाद के धनगर मोहल्ला निवासी तुलसीराम के बेटे आशीष उम्र 19 वर्ष और आकाश उम्र क़रीब 16 वर्ष घर से अचानक निकल गए। परिवार को जब उनके रहस्यमई तरीके से घर से लापता होने की खबर मिली तो परिवार में हड़कंप मच गया। परिवार के सदस्यों ने दोनों बेटों को ढूंढने के लिए पूरा जोर लगा दिया, लेकिन दोनों बेटों का पता नहीं चल पाया।
थक हारकर परिजनों ने दी पुलिस को सूचना
थक हार कर पीड़ित परिवार ने पुलिस को सूचना दी। परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन पुलिस अब भी इन दोनों भाइयों का पता नहीं लगा पाई है। पीड़ित परिवार पुलिस के चक्कर लगा लगा कर थक गया है, लेकिन कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।
पुलिस से मिला सिर्फ आश्वासन
वहीं आकाश और आशीष के चचेरे भाई विष्णु ने बताया 23 मई 2021 को रात को सभी लोग सोए। 24 मई की सुबह जब जगाने के लिए उन्हें चाचा तुलसीराम छत पर गए तो दोनों भाइयों में से कोई नहीं मिला। विष्णु ने बताया कि 26 तारीख को लापता होने का मुकदमा थाना रिफाइनरी में दर्ज कराया। तब से लेकर आज तक पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस के द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है।
मां को दोनों बेटों के आने का इंतजार
मां शकुंतला और बहन सुमन आज भी यह उम्मीद लेकर बैठे हैं कि उनके परिवार के दो सदस्य सकुशल वापस लौट कर आएंगे। पीड़ित परिवार पुलिस की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं है। मां और बहन को आज भी आशीष और आकाश की याद आती है तो दोनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं लेते हैं। परिवार के सभी सदस्य आज भी दोनों के वापस आने का इंतजार कर रहे हैं।