ट्रेजरी अफसर बन रिटायर्ड पुलिसकर्मियों से 25 करोड़ की ठगी करने वाला गिरफ्तार


नोएडा ब्यूरो। ट्रेजरी अफसर बनकर कई राज्यों के रिटायर्ड पुलिसकर्मियों से ठगी करने वाले गिरोह के बदमाश को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मंगलवार को सहारनपुर से पकड़ेे गए आरोपी की पहचान भागलपुर बिहार निवासी नूर अली के रूप में हुई है। आरोपी का जामताड़ा कनेक्शन भी सामने आया है। इसी गिरोह के बदमाशों ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर के खाते से 23 लाख निकाले थे। आरोपी के 80 बैंक खातों और 40 वॉलेट को पुलिस ने सीज कर दिया है। गिरोह के बदमाश अब तक 25 करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुके हैं।
एसपी, साइबर क्राइम डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि सेक्टर-36 स्थित साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मंगलवार को सहारनपुर से नूर अली को गिरफ्तार किया। वह कई वर्षों से पंजाब के फतेहगढ़ में रह रहा था। वह अपने भाई अफसर अली, सहयोगी सफरुद्दीन अंसारी, कलीम अंसारी, अहमद अंसारी, अंकित कुमार और छोटन मंडल निवासी जामताड़ा, झारखंड के साथ मिलकर गिरोह चला रहा था। नूर ट्रेजरी अफसर बनकर सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों से ठगी करता था। साइबर क्राइम टीम को गिरफ्तार आरोपी के विभिन्न बैंकों में 80 खातों की जानकारी मिली है। इन खातों में जमा डेढ़ लाख रुपये को पुलिस ने फ्रीज करा दिया है। वहीं इनके 40 वॉलेट में जमा 1.80 लाख रुपये भी फ्रीज करा दिए हैं। पुलिस पूछताछ कर अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है।
नौकरी का एरियर खाते में भेजने के नाम पर करते थे ठगी
गिरोह के बदमाश यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, बिहार और झारखंड समेत अन्य राज्यों के रिटायर्ड पुलिसकर्मियों के खातों से करीब 25 करोड़ निकाल चुके हैं। बदमाश सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों की पूरी जानकारी रखते थे। उनकी प्रोफाइल और परिवार से जुड़ी छोटी-बड़ी जानकारी इकट्ठा करते थे। खुद को ट्रेजरी अफसर बताकर सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों को फोन करते थे। फोन पर पुलिसकर्मियों से नौकरी के दौरान उनका कुछ एरियर बाकी रहने की बात कही जाती थी। इसे सीधे बैंक खाते में भेजे जाने के लिए खातों की जानकारी मांगी जाती थी। इसके बाद पुलिसकर्मियों के मोबाइल पर ओटीपी भेजी जाती थी। ओटीपी मिलते ही आरोपी पुलिसकर्मियों के बैंक खातों की नेट बैंकिंग एक्टीवेट कर खाते में जमा रकम ट्रांसफर कर लेते थे। गिरोह के बदमाशों ने कुछ माह पहले वाराणसी से रिटायर एक पुलिसकर्मी के खाते से 40 लाख रुपये निकाल लिए थे। इसके कुछ दिन बाद आगरा से रिटायर पुलिसकर्मी के खाते से 16 लाख रुपये ठगी की थी। बागपत से लेकर अन्य जनपदों से भी इसी तरह ठगी के मामले सामने आए थे।
सीएम की पत्नी के खाते से पैसे निकालने के बाद हुआ था गिरफ्तार
गिरोह के बदमाशों ने वर्ष 2019 में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर के खाते से भी 23 लाख रुपये निकाल लिए थे। पंजाब पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश कर नूर अली समेत अन्य को गिरफ्तार किया था। पंजाब पुलिस ने गिरोह के पास से 800 सिम कार्ड और 200 बैंक खातों को जब्त कर 18 लाख रुपये बरामद किए थे। जेल से छूट कर आने के बाद नूर अली फिर से ठगी करने लगा। नूर का भाई अफसर अली जामताड़ा जेल में है।
नूर अली ठगी के पैसों को तुरंत ही निवेश कर देता था। ठगी के पैसों से ही पंजाब के गोविंदगढ़ में आलीशान कोठी खरीदी थी। साथ ही स्क्रैप की फैक्ट्री लगाई थी। फैक्ट्री की देखरेख उसके पिता करते हैैं। घर के पास ही उसने अपने भाई के लिए मोबाइल का शोरूम खोला था।
10वीं पास आरोपी ने सैकड़ों से की ठगी
सैकड़ों पढ़े लिखे लोगों से ठगी का आरोपी नूर अली 10वीं पास है। आरोपी नेट बैकिंग से पैसे ट्रांसफर करने के बाद ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा अलग अलग वॉलेट में जमा कर देते थे। इस पैसे से पंजाब और हरियाणा में लोगों के बिजली के बिल, मूवी के टिकट, फ्लाइट, ट्रेन और बस के टिकट और मोबाइल के बिल का भुगतान कर उनसे नकदी लेते थे।
ट्रेजरी अफसर बनकर रिटायर्ड पुलिसकर्मियों के खाते से पैसे निकालने वाले जालसाज को गिरफ्तार किया गया है। जामताड़ा मॉडयूल पर काम करने वाले गिरोह ने कई राज्यों में फर्जीवाड़ा किया है। गिरोह के अन्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - डॉ. त्रिवेणी सिंह, एसपी, साइबर क्राइम