कानपुर कोर्ट में सक्रिय था फर्जी जमानतगीरों का रैकेट, एक वकील, दो मुंशी समेत 5 गिरफ्तार


कानपुर ब्यूरो। कानपुर में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी जमानतदारों को कोर्ट में पेश करने का मामला प्रकाश में आया है। कानपुर कमिश्नरेट क्राइम ब्रांच पुलिस ने फर्जी जमानतदारों के गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक अधिवक्ता दो मुंशी समेत पांच लोगों को अरेस्ट किया है। पुलिस का दावा है कि अभी इस प्रकरण की जांच चल रही है। इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे होंगे।
कानपुर पुलिस को लगातार इनपुट मिल रहा था कि कचहरी में फर्जी जमानतगीरों का एक बड़ा रैकेट सक्रिय है। इस रैकेट के सदस्य अपराधियों के लिए फर्जी जमानतदार और दस्तावेज तैयार कराते हैं। इसके लिए इस गिरोह के सदस्य अपराधियों से मोटी रकम वसूलते थे। इसने में एक अधिवक्ता और उसके दो मुंशी शामिल हैं। पुलिस ने औरैया से भी दो लोगों अरेस्ट किया है। दोनों औरैया निवासी फर्जी जमानतगीर बनकर कोर्ट में पेश होते थे।
फर्जी डॉक्यूमेंट्स पर लेते थे जमानत
अपर पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी के मुताबिक, कानपुर पुलिस ने पांच फर्जी जमानतदारों को अरेस्ट किया है। इनमें से एक अधिवक्ता है, दो उनके मुंशी हैं और दो ऐसे लोग जो इस काम में उनकी मदद करते थे। इस गिरोह के सदस्य फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनाकर कोर्ट के जमानतगीरों को पेश करते थे। एक ही जमानतदार फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर जमानत लेते थे, जो उनके पास संपत्ति नहीं है, उस संपत्ति और संसाधन के आधार पर इस तरह का फर्जीवाड़ा कर रहे थे।
100 लोगों की करा चुके हैं जमानत
उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा फर्जीवाड़ा है, जिसे कानपुर पुलिस ने ब्रेक करने में सफलता प्राप्त की है। शुरुआती जांच में इनके पास से 21 आधार कार्ड, तीन आरसी, वोटर आईडी, दो निवास प्रमाणपत्र, 165 फोटो, 6 मुहर, 12 लेटरपैड समाग्री इनके पास से बरामद हुई है। इस रैकेट की जांच अभी जारी है, इसमें बहुत सी बातें प्रकाश में आएंगी। इस गिरोह के सदस्य लगभग 100 लोगों की जमानत करा चुके हैं।

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