दिल्ली पुलिस में नई पहल, परंपरा को तोड़ पहली बार 8 महिला पुलिसकर्मियों को बनाया बीट ऑफिसर


दिल्ली ब्यूरो।
दिल्ली पुलिस ने सिर्फ पुरुष कर्मचारियों के बीट पुलिसिंग के प्रभारी होने की परंपरा को तोड़ दिया है। उत्तर-पश्चिम जिले ने अपने चार पुलिस स्टेशनों में आठ महिलाओं को बीट अधिकारी के रूप में तैनात करने की पहल की है। जिला डीसीपी उषा रंगनानी का मानना है कि महिला अधिकारी भी दिन-प्रतिदिन की पुलिसिंग में शामिल हो सकती हैं। यह न केवल इलाकों में पुलिसकर्मियों को दृश्यता प्रदान करेगा, बल्कि निवासियों को बेहतर पुलिस-सार्वजनिक भागीदारी बनाने के लिए भी प्रेरित करेगा।
उत्तर पश्चिमी दिल्ली के भारत नगर थाना क्षेत्र में कांस्टेबल रिंकू को बीट पेट्रोलिंग पर देखकर वरिष्ठ नागरिक विशेष रूप से खुश हैं। कॉन्स्टेबल ने खुद कहा कि एक 82 वर्षीय बुजुर्ग मुझे हर दिन फोन करते हैं। वह मुझे प्यार से मुझे लड्डू गोपालन बुलाते हैं। वह मुझे शाम को अपने घर पर भी बुलाते हैं। उनका परिवार उसके ऊपर की मंजिल पर रहता है, लेकिन वह अकेलापन महसूस करते हैं। कॉन्स्टेबल रिंकू ने कहा कि उन्हें किसी से बात करने की जरूरत है। इसलिए, जब भी वह मुझे बुलाते हैं, मैं उससे मिलने जाती हूं और उनकी सहायता करती हूं।
इसी इलाके में रिंकू की तरफ पेट्रोलिंग करने वाली कॉन्स्टेबल किरण ने कहा कि उनकी गश्त ने वर्दी के प्रति सम्मान की भावना पैदा की है। उन्होंने कहा कि यह पहले भी था, लेकिन आजकल जब हम किसी से सवाल करते हैं, तो वे हमारी सुनते हैं और अपनी गलतियों को स्वीकार करते हैं। कई महिलाएं भी अपनी शिकायतें शेयर करने के लिए आगे आती हैं। उन्होंने कहा कि हम उनका समाधान करने का प्रयास करते हैं।
26 साल पहले दिल्ली पुलिस में शामिल होने के बाद पहली बार हेड कांस्टेबल सुनीता फील्ड ड्यूटी पर हैं। सुनीता का कहना है कि मैंने ऑफिस में काम किया है या छापे पर पुलिस टीमों के साथ काम किया है लेकिन कभी भी बीट वर्क पर नहीं रही। अशोक विहार इलाके में बीट ऑफिसर मोनिका यादव बताती हैं कि कभी-कभी जब मैं वर्दी में नहीं होती या ऑफ ड्यूटी में होती हूं और सड़क पर होने वाले विवाद में हस्तक्षेप करती हूं, तो प्रभाव उतना नहीं होता है।

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